मर्कूस 15

15
येशू पिलातस राजपालके आघे हाजिर
(मत्ती २७:११-३१; लूक. २३:२-३,१८-२५; यूह. १८:२८-४०; १९:१-१६)
1सक्करहीँ यहूदी मुख्य पुजारीनके, यहूदी दलके नेतनके, यहूदी कानुनके गुरुनके और सक्कु यहूदी महासभा मिलके सल्लाहा करके येशूहे बहानके लैगिलाँ। और पिलातसके थेन सौँपदेलाँ, जे यहूदा ईलाकामे रोमी राजपाल रहे। 2पिलातस हुँकिन्हे पुँछल, “का तुँ यहूदिनके राजा हुइतो?” येशू उहिहे जवाफ देलाँ, “अप्निए असिक कहती।” 3तब् यहूदी मुख्य पुजारीनके येशूकमे बहुत्ते दोष लगैलाँ। 4राजपाल पिलातस फेनदोस्रे येशूहे प्रश्न पुँछल, “का तोहाँर थेन कुछु जवाफ नै हो? हेरो, तोहाँर विरोधमे आरोपके कतरा दोष लगैथाँ।” 5पर येशू फेनदोस्रे कुछु जवाफ नै देलाँ, तबेकमारे राजपाल पिलातसहे अचम्म लग्लिस।
येशूहे मृत्यु दण्डक आज्ञा
6हर साल निस्तार-तिहुवारके बेला राजपाल पिलातसके यी चलन रहिस कि कौनो फेन कैदी, जिहिहे मनै कहिँत, उहिहे ऊ छोरदेहे। 7उ समयमे वहाँ बारब्बा नाउँक एकथो मनैया दोसुर विद्रोहीनके संग कारागारमे रहे। ऊ रोम सरकारके विरोधमे विद्रोहक समयमे गोड्गात मनैनके हत्या करल रहे। 8पूरा मनैनके भीड़ राजपाल पिलातसके थेन गैल, और ओइने उहिहे कहे लग्लाँ, “जसिके अप्नि जबफेन हमार लग कैदी छोर्थी, ओस्तेके करी।” 9राजपाल पिलातस ओइन्हे कहल, “का तुहुरे यी चहथो कि मै तुहुरिन्के लग यहूदिनके राजाहे छोरदिऊँ?” 10काकरेकी राजपाल पिलातस खोब मजासे जाने कि यहूदी मुख्य पुजारीनके येशूहे ओकर हाँथेम यहे कारणसे सौँपलताँ। काकरेकी ओइने हुँकिन्से बिह्रे मुइँत। 11पर यहूदी मुख्य पुजारीनके मनैनके भीड़हे उक्सैलाँ कि ओइने राजपाल पिलातससे येशूक सटाहा बारब्बाहे छोरना माँग करिँत्। 12राजपाल पिलातस फेनदोस्रे ओइन्हे पुँछल, “असिक हो कलेसे जिही तुहुरे यहूदिनके राजा कथो, उहिहे मै का करुँ ते?” 13फेनदोस्रे भीड़के मनै चिल्लाई लग्लाँ, “उहिहे क्रूसमे मुवाऊ।” 14राजपाल पिलातस ओइन्हे पुँछल, “काकरे? ऊ का अपराध कर्ले बा?” पर भीड़के मनै आकुर जोरसे चिल्लाके कहे लग्लाँ, “उहिहे क्रूसमे मुवाऊ।” 15तब् राजपाल पिलातस भीड़के मनैनहे सन्तुष्ट करना इच्छासे ओइन्के लग बारब्बाहे छोरदेहल, और येशूहे कोर्रा लगाके क्रूसमे टाँगक लग रोमी सिपाहिनके हाँथेम दैदेहल।
रोमी सिपाहिन येशूक मजाक उरैलाँ
16पिलातसके सिपाहिन येशूहे राजपालके घरक अंगनामे लैगिलाँ, जिहिहे प्रेटोरियन कथाँ। और पूरा सिपाहिनके पल्टनहे भित्तर बलागिलस। 17-18राजा बन्ना सोंग काह्रक लग सिपाहिन हुँकिन्हे शाही पहिरनके लुग्गा घलाके हुँकार मजाक उरैलाँ। ओइने कँटाहा बौँरक एकथो मुकुट फेन बनैलाँ, और हुँकिन्हे एकथो राजक रुपमे नक्लीमे बिह्राइक लग हुँकार मुन्टामे धारदेलाँ। तब् ओइने हुँकिन्हे सलाम करना सुरु करदेलाँ, जसिन कि ओइने चिल्लाके हुँकार आदर करतताँ, “यहूदिनके रज्वक जय!” 19ओइने लगातार बल्गर गौलरके लट्ठीलेके हुँकार मुन्टामे मारतिहिँत। ओइने हुँकार बेज्जत करक लग कैयोचो हुँकारमे थुकत फेन रहिँत। और आदर करना सोंग काह्रक लग हुँकार आघे लिहुरतिहिँत। 20जब ओइने हुँकार सोंग करके सेक दरलाँ, तब् ओइने हुँकारमेसे शाही पहिरन निकारदेलाँ। और ओइने हुँकार अपने लुग्गा हुँकिन्हे घलादेलाँ। ओकरपाछे ओइने हुँकिन्हे क्रूसमे टँगाइक लग लैगिलाँ।
येशू क्रूसमे
(मत्ती २७:३२-४४; लूक. २३:३३-४३; यूह. १९:१७-२७)
21जस्तेके ओइने नगरमेसे बाहेर जाइतिहिँत। तब्बेहेँ सिमोन नाउँक एकथो मनैया गाउँक ईलाकामेसे यरुशलेम शहरमे आइतेहे। सिमोन कुरेन शहरके रहे, और ओकर छावनके नाउँ अलेक्जेन्डर और रुफस रहिस। सिपाहिन उहिहे क्रूसहे वहाँ लैजिना आदेश देलाँ, जहाँ येशूहे टँगैना रहे। 22सिपाहिनके येशूहे गलगथा कना ठाउँमे लैगिलाँ, आरामाइक भाषामे जेकर मतलब हुइत “खोपड़ीक ठाउँ।” 23तब् सिपाहिन येशूहे मूर्र नाउँक बिरवा अंगुरके रसमे मिलाके देलाँ, ताकि हुँकिन्हे धेउर ना बठाइन। पर येशू पिनासे मनाही करदेलाँ। 24ओइने हुँकिन्हे क्रूसमे टँगा देलाँ। तब् केकरमे कोन लुग्गा परी कना पक्का करक लग चिट्टा दारके ओइने येशूक लुग्गाहे आपसमे बाँटलेलाँ। 25जब ओइने येशूहे क्रूसमे टंग्ला, तब् बेहानिक नौ बजल रहे। 26ओइने क्रूसमे चिन्हा लगैलाँ, जेम्ने हुँकार दोष लिखल रहिन। ओम्ने लिखल रहे, “यहूदिनके रज्वा।” 27ओइने हुँकार संग दुईथो डाँकनहे क्रूसमे टंग्लाँ, एकथोहे हुँकार दाहिन पाँजर और दोसुरहे बाउँ पाँजर। 28असिके पवित्र शास्त्र सही साबित हुइल, जोन ख्रीष्टके बारेम कहिगिल रहे, “हुँकार संग अपराधीनके हस व्यवहार हुइहिन।” 29वहाँसे जैना मनै अपन मुन्टा हिला-हिलाके हुँकार खिल्ली उरैती असिक कहिँत, “उह! हेरो, तैँ मन्दिर भस्काके तीन दिनमे बनुइया, 30क्रूसमेसे उतरके आ, और अपनहे बँचा।” 31ओस्तेके यहूदी मुख्य पुजारीनके फेन यहूदी कानुनके गुरुनके संग असिक कती आपसमे येशूक खिल्ली उरैती कलाँ, “यी दोसुर जहनहे बँचाइल, पर अपनहे बँचाई नै सेकी। 32यी मनैया जे अपनहे ख्रीष्ट और इजरायल देशके राजा कहत। यिहिहे क्रूसमेसे तरे उत्रे देऊ, तब् हम्रे फेन देखब, और विश्वास करब कि ऊ हमार रज्वा हो।” जोन दुईथो कैदी हुँकार संग क्रूसमे टँगागिल रहिँत, ओइने फेन हुँकार निन्दा करलाँ।
येशूक मृत्यु
(मत्ती २७:४५-४६; लूक. २३:४४-४९; यूह. १९:२८-३०)
33बाह्र बजेसे तीन बजेसम सारा देशहे अंधार छोप देहल। 34तीन बजे ओहोँर असिक कती येशू जोरसे चिल्लैलाँ, “इलोई, इलोई, लामा सबखथनी?” जेकर मतलब हो, “हे मोरिक परमेश्वर, हे मोरिक परमेश्वर, तुँ महिन्हे काकरे त्यागदेलो?” 35कौनो मनै वहाँ आँजर-पाँजर ठरह्याइल रहिँत। ओइने हुँकार कलक सुन्लाँ, ओइने बिना बुझ्ले एकदोसर जहनसे कहे लग्लाँ, “सुनो, यी अपन सहयोगके लग परमेश्वरके अगमवक्ता एलियाहे बलाइता!” 36ओइन्मेसे एकथो दौरल तब् ऊ स्पन्ज लेहल और सिर्कामे पुरै बोरके एकथो नम्मा गौलरके लट्ठीमे लेके येशूक मुहेम पुगाइल, ताकि ऊ ओम्नेमेसे सिर्का चुसे सेकिँत। उ मनैया कहल, “रुको, कुछु ना करो, हम्रे हेरी कि परमेश्वरके अगमवक्ता एलिया आई और यिहिहे क्रूसमेसे मुक्त करदी।” 37तब् येशू जोरसे चिल्लैलाँ और ऊ मुगिलाँ। 38तब् यरुशलेमके मन्दिरमे झुलल ठुल पर्दा, जोन सक्कुहुनहे परमेश्वरके हाजिरीमे अइनासे रोकत। उ बिच्चेमसे उप्परसे लेके तरे सम् दुई खण्डा होके फाटगिल। 39रोमी फौजीनके कप्तान जे वहाँ क्रूसके आघे ठरह्याइल रहे। ऊ हुँकार चिल्लैलक सुनल और देखल कि येशू कसिके मुलाँ। ऊ कहल, “यी मनैया जात्तिके परमेश्वरके छावा रहे।” 40कौनो जन्नी मनै वहाँ रहिँत, जेने दूरेसे वहाँ हेरतिहिँत। जन्नीनके यी समूहमे मरियम जे मग्दल गाउँमेसे रहे, दोसुर मरियम जे याकूब और योसेफके दाई रहे और सलोमी रहिँत। 41आघे जब येशू गालील प्रदेशके आँजरपाँजर यात्रा करलाँ। यी तीनथो जन्नीन येशूक चेलनके रुपमे हुँकार अनुशरण करिँत्। और ओइन्के लग चहना चिज जुटाँइत। औरे जन्नीन फेन रहिँत, जेने गालील प्रदेशसे येशूक संग यरुशलेम शहरमे आइल रहिँत। ओइने फेन दूरेसे हेरतिहिँत।
येशूक दफन
(मत्ती २७:५७-६१; लूक. २३:५०-५६; यूह. १९:३८-४२)
42-43योसेफ नाउँक एकथो मनैया रहे, जे अरिमाथिया नगरके रहे, और ऊ यहूदी महासभक सदस्य फेन रहे। ऊ अप्ने फेन परमेश्वरके राज आई कहिके अँस्याइतेहे। ऊ हिम्मत करके राजपाल पिलातसके थेन गैल और उहिसे येशूक लाहाशहे दफ्नाइक लग माँगल। ऊ असिके यहे कारणसे करल। काकरेकी तयारीक दिन आग्गिहीँ संझा होगिल रहे। यी दिन यहूदिनके बिँसैना दिनसे आघेक दिन रहे, और बिँसैना दिनमे ओइन्हे लाहाश दफ्नाई नै मिलिन। 44जब राजपाल पिलातस योसेफके मुहसे यी बात सुनल। तब ऊ फौजीनके कप्तानहे बलाइल और पुँछल, “का यी जात्तिके हो कि येशू मुसेकल?” 45हुँकार मृत्यु होसेकल कना बात कप्तानसे पता पाइल ते येशूक मुअल शरीर योसेफहे लैजिना अनुमति देहल। 46तब् योसेफ मलमलके लुग्गा किनल, और लाहाशहे तरे उतारके ऊ लुग्गालेके बेँहेर देहल, और चट्टानमे खोपके बनाइल एकथो चिहानमे धारल। तब् चिहानके मुहेम एकथो पठरा धारदेहल। 47मरियम जे मग्दल गाउँमेसे रहे, दोसुर मरियम जे याकूब और योसेफके दाई रहे। यने हेरतिहिँत कि येशूक लाहाशहे कहाँ धारल बतिन।

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