भजन संहिता 112:1-2
भजन संहिता 112:1-2 HSB
याह की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है। उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की संतान आशिष पाएगी।
याह की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है। उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की संतान आशिष पाएगी।