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मसीह एक धर्मात्मा (परमेश्वर-मनुष्य): कुंवारी से जन्म ले ने पर पड़ने वाला प्रभाव Ihe Nhụchatụ

मसीह एक धर्मात्मा (परमेश्वर-मनुष्य): कुंवारी से जन्म ले ने पर पड़ने वाला प्रभाव

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यीशु मसीह का मानवता में प्रवेश-यह अनन्त परमेश्वर के पुत्र का असाधारण प्रवेश है- जो उसे हम से अलग करता है। साफ शब्दों में कहूं तो, वह एक कुंवारी से पैदा हुए थे। बाइबल कुंवारी से पैदा होने के बारे में क्या कहती हैं?

मत्ती की पुस्तक इस बारे में बहुत कुछ वर्णन करती है (1:18,28)। यीशु के जन्म से पहले यूसुफ और मरियम की सगाई हुई थी लेकिन अभी तक उनका विवाह नहीं हुआ था। उन दोनों के शारीरिक संबंध स्थापित होने से पहले ही मरियम गर्भवति पायी गयी थी। यूसुफ इस अद्भुत घटना को देखकर परेशान हो गया,लेकिन स्वर्गदूत ने उसे सुनिश्चित किया कि मरियम के गर्भ में गर्भाधान बच्चा पवित्र आत्मा की ओर से है। जब तक उस बच्चे का जन्म नहीं हो गया यूसुफ मरियम के पास नहीं गया (सहवास नहीं किया)।

लूका भी मरियम के गर्भाधान होने पर भी उसे कुंवारी कहते हैं (लूका 1:27,31)। मरियम भी अपने आप को कुंवारी कहती है (पद 34)। यीशु की वंशावली भी स्पष्ट रूप में उल्लेख करती है कि,"याकूब से यूसुफ उत्पन्न हुआ,जो मरियम का पति था,और मरियम से(स्त्री लिंग से) यीशु जो मसीह कहलाता है उत्पन्न हुआ(मत्ती 1:16)। स्त्री का नाम लिया जाना किसी भी प्रकार के अस्पष्टता या संदेह को रद्द करता है। मत्ती कुंवारी (ग्रीक,पार्थेनोस) के लिए बिल्कुल अलग शब्द का इस्तेमाल करता है, जिसके बारे में पहले ही से भविष्यद्वक्ताओं की गई थी (मत्ती1:23:उदाहरण, यशायाह7:14)कुंवारी से जन्म लेने का जिक्र पुराने नियम में यीशु के जन्म लेने से 700 वर्ष पहले ही हो चुका था। पवित्र शास्त्र के लेखक पवित्र आत्मा हमें स्पष्ट तौर पर समझाना चाहते हैं किः यीशु का जन्म एक कुंवारी से हुआ था।

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मसीह एक धर्मात्मा (परमेश्वर-मनुष्य): कुंवारी से जन्म ले ने पर पड़ने वाला प्रभाव

छह दिन डॉ.रमेश रिचर्ड के साथ बिताएं, जो RREACH (वैश्विक स्तर पर सुसमाचार सुनाने वाली सेवकाई) के अध्यक्ष और डालास थियोलोजिकल सेमिनरी के आचार्य हैं, जो हमें मसीह की ईश्वरीयता और उसकी मानवता से सम्बन्धित समयोचित प्रकाशन प्रदान करेगें। अपने हृदय को कुवांरी से जन्म लेने तथा मसीही जीवन में इसके आशय के महत्व पर चिन्तन करते हुए क्रिमसस के पर्व को मनाने के लिए तैयार करें।

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