Psalms 30:5-10

भजन संहिता 30:5-10 - क्योंकि उसका क्रोध तो क्षण भर का होता है,
परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की
होती है।
कदाचित् रात को रोना पड़े,
परन्तु सबेरे आनन्द पहुँचेगा।
मैं ने तो अपने चैन के समय कहा था,
कि मैं कभी नहीं टलने का।
हे यहोवा, अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे
पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था;
जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब
मैं घबरा गया।
हे यहोवा, मैं ने तुझी को पुकारा;
और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह विनती
की, कि
जब मैं क़ब्र में चला जाऊँगा तब मेरे लहू से
क्या लाभ होगा?
क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है?
क्या वह तेरी सच्‍चाई का प्रचार कर
सकती है?
हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर;
हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।

क्योंकि उसका क्रोध तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुँचेगा। मैं ने तो अपने चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का। हे यहोवा, अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया। हे यहोवा, मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह विनती की, कि जब मैं क़ब्र में चला जाऊँगा तब मेरे लहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्‍चाई का प्रचार कर सकती है? हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर; हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।

भजन संहिता 30:5-10

Psalms 30:5-10