परिणाम के लिए खोज: गिनती 14
गिनती 14:26 (HINOVBSI)
फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,
गिनती 14:27 (HINOVBSI)
“यह बुरी मण्डली मुझ पर बुड़बुड़ाती रहती है, उसको मैं कब तक सहता रहूँ? इस्राएली जो मुझ पर बुड़बुड़ाते रहते हैं, उनका यह बुड़बुड़ाना मैं ने सुना है।
गिनती 14:28 (HINOVBSI)
इसलिये उनसे कह कि यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ जो बातें तुम ने मेरे सुनते कही हैं, नि:सन्देह मैं उसी के अनुसार तुम्हारे साथ व्यवहार करूँगा।
गिनती 14:29 (HINOVBSI)
तुम्हारे शव इसी जंगल में पड़े रहेंगे; और तुम सब में से बीस वर्ष के या उससे अधिक आयु के जितने गिने गए थे, और मुझ पर बुड़बुड़ाते थे,
गिनती 14:30 (HINOVBSI)
उनमें से यपुन्ने के पुत्र कालिब और नून के पुत्र यहोशू को छोड़ कोई भी उस देश में न जाने पाएगा, जिसके विषय मैं ने शपथ खाई है कि तुम को उसमें बसाऊँगा।
गिनती 14:31 (HINOVBSI)
परन्तु तुम्हारे बाल–बच्चे जिनके विषय तुम ने कहा है, कि वे लूट में चले जाएँगे, उनको मैं उस देश में पहुँचा दूँगा; और वे उस देश को जान लेंगे जिस को तुम ने तुच्छ जाना है।
गिनती 14:32 (HINOVBSI)
परन्तु तुम लोगों के शव इसी जंगल में पड़े रहेंगे।
गिनती 14:33 (HINOVBSI)
और जब तक तुम्हारे शव जंगल में न गल जाएँ तब तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बाल–बच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे।
गिनती 14:34 (HINOVBSI)
जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन, उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे एक वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
गिनती 14:35 (HINOVBSI)
मैं यहोवा यह कह चुका हूँ कि इस बुरी मण्डली के लोग जो मेरे विरुद्ध इकट्ठे हुए हैं इसी जंगल में मर मिटेंगे; और नि:सन्देह मैं ऐसा ही करूँगा भी।”
गिनती 14:36 (HINOVBSI)
तब जिन पुरुषों को मूसा ने उस देश का भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्होंने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था,
गिनती 14:37 (HINOVBSI)
उस देश की वे नामधराई करनेवाले पुरुष यहोवा के मारने से उसके सामने मर गये।
गिनती 14:38 (HINOVBSI)
परन्तु देश का भेद लेनेवाले पुरुषों में से नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालिब दोनों जीवित रहे।
गिनती 14:39 (HINOVBSI)
तब मूसा ने ये बातें सब इस्राएलियों को कह सुनाईं और वे बहुत विलाप करने लगे।
गिनती 14:40 (HINOVBSI)
वे सबेरे उठकर यह कहते हुए पहाड़ की चोटी पर चढ़ने लगे कि हम ने पाप किया है; परन्तु अब तैयार हैं, और उस स्थान को जाएँगे जिसके विषय यहोवा ने वचन दिया था।
गिनती 14:41 (HINOVBSI)
तब मूसा ने कहा, “तुम यहोवा की आज्ञा का उल्लंघन क्यों करते हो? यह सफल न होगा।
गिनती 14:42 (HINOVBSI)
यहोवा तुम्हारे मध्य में नहीं है, मत चढ़ो, नहीं तो शत्रुओं से हार जाओगे।
गिनती 14:43 (HINOVBSI)
वहाँ तुम्हारे आगे अमालेकी और कनानी लोग हैं, इसलिये तुम तलवार से मारे जाओगे; तुम यहोवा को छोड़कर फिर गए हो, इसलिये वह तुम्हारे संग नहीं रहेगा।”
गिनती 14:44 (HINOVBSI)
परन्तु वे ढिठाई करके पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक, और मूसा, छावनी से न हटे।
गिनती 14:45 (HINOVBSI)
तब अमालेकी और कनानी जो उस पहाड़ पर रहते थे, उन पर चढ़ आए, और होर्मा तक उनको मारते चले आए।
गिनती 1:14 (HINOVBSI)
गाद के गोत्र में से दूएल का पुत्र एल्यासाप;
गिनती 2:14 (HINOVBSI)
फिर गाद के गोत्र के रहें, और उनका प्रधान रूएल का पुत्र एल्यासाप होगा,
गिनती 3:14 (HINOVBSI)
फिर यहोवा ने सीनै के जंगल में मूसा से कहा,
गिनती 4:14 (HINOVBSI)
तब जिस सामान से वेदी पर की सेवा टहल होती है वह सब, अर्थात् उसके करछे, काँटे, फावड़ियाँ, और कटोरे आदि, वेदी का सारा सामान उस पर रखें; और उसके ऊपर सूइसों की खालों का आवरण बिछाकर वेदी में डण्डों को लगाएँ।
गिनती 5:14 (HINOVBSI)
और उसके पति के मन में जलन उत्पन्न हो, अर्थात् वह अपनी स्त्री पर जलने लगे और वह अशुद्ध हुई हो; या उसके मन में जलन उत्पन्न हो, अर्थात् वह अपनी स्त्री पर जलने लगे परन्तु वह अशुद्ध न हुई हो;