नहेम्‍याह 8:7-8 - Compare All Versions

नहेम्‍याह 8:7-8 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

उपपुरोहित येशुअ, बानी, शेरेब्‍याह, यामीन, अक्‍कूब, शब्‍बतई, होदियाह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह ने लोगों को धर्म-व्‍यवस्‍था की बातें समझाने में सहायता की। लोग अपने-अपने स्‍थान पर खड़े रहे। उन्‍होंने ग्रन्‍थ से, परमेश्‍वर की व्‍यवस्‍था से स्‍पष्‍ट स्‍वर में पाठ पढ़ाऔर उसकी व्‍याख्‍या की। लोगों ने पाठ को समझ लिया।

नहेम्‍याह 8:7-8 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्‍कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नामक लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे। उन्होंने परमेश्‍वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।

नहेम्‍याह 8:7-8 HHBD (Hindi Holy Bible)

और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे। और उन्होंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।

नहेम्‍याह 8:7-8 HERV (पवित्र बाइबल)

लेवीवंश परिवार समूह के इन लोगों ने वहाँ खड़े हुए सभी लोगों को व्यवस्था के विधान की शिक्षा दी। लेवीवंश के उन लोगों के नाम थे: येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदियाह, मासेयाह, कलिता, अजर्याह, योजबाद, हानान, और पलायाह। लेवीवंश के इन लोगों ने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक का पाठ किया। उन्होंने उसकी ऐसी व्याख्या की कि लोग उसे समझ सकें। उसका अभिप्राय: क्या है, इसे खोल कर उन्होंने समझाया। उन्होंने यह इसलिए किया ताकि जो पढ़ा जा रह है, लोग उसे समझ सकें।

नहेम्‍याह 8:7-8 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

येशुअ, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिय्याह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नामक लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने-अपने स्थान पर खड़े रहे। उन्होंने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।

नहेम्‍याह 8:7-8 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

जब सभी लोग अपनी-अपनी जगह पर ठहरे हुए थे, येशुआ, बानी, शेरेबियाह, यामिन, अक्कूब, शब्बेथाइ, होदियाह, मआसेइयाह, केलिता, अज़रियाह, योज़ाबाद, हानन, पेलाइयाह और लेवी लोगों को व्यवस्था की पुस्तक का अर्थ साफ़-साफ़ समझाते जाते थे. वे इस पुस्तक से पढ़ते जाते-परमेश्वर की व्यवस्था में से और वे उसका अनुवाद भी करते जाते थे कि सभी लोग पढ़े गए भाग को समझते भी जाएं.