आमोस 5:21-24 - Compare All Versions
आमोस 5:21-24 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))
‘मैं तुम्हारे बलि-पर्वों से घृणा करता हूँ, मुझे वे पसन्द नहीं। मुझे तुम्हारी धर्म-महासभाओं में कुछ भी रुचि नहीं। तुम मुझे अग्नि-बलि और अन्न-बलि चढ़ाते हो, पर मैं उनको स्वीकार नहीं करूंगा। सहभागिता-बलि के रूप में चढ़ाए गए तुम्हारे मोटे-ताजे पशुओं की चर्बी पर मैं नजर भी नहीं डालूंगा। मुझे अपने भजन मत सुनाओ, उन्हें मुझसे दूर रखो; मैं तुम्हारी सारंगी का सुर नहीं सुनूंगा। परन्तु न्याय को जलधारा-सा और धर्म को निरन्तर बहनेवाले झरने की तरह सदा बहने दो!
आमोस 5:21-24 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))
“मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूँ, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न होऊँगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूँगा। अपने गीतों का कोलाहल मुझ से दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुर मैं न सुनूँगा। परन्तु न्याय को नदी के समान, और धर्म को महानद के समान बहने दो।
आमोस 5:21-24 HHBD (Hindi Holy Bible)
मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूं, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न हूंगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूंगा। अपने गीतों का कोलाहल मुझ से दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुर मैं न सुनूंगा। परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
आमोस 5:21-24 HERV (पवित्र बाइबल)
“मैं तुम्हारे पवित्र दिनों से घृणा करता हूँ! मैं उन्हें स्वीकार नहीं करूँगा! मैं तुम्हारी धार्मिक सभाओं का आनन्द नहीं लेता! यदि तुम होमबलि और अन्नबलि भी दोगे तो मैं स्वीकार नहीं करूँगा। तुम जिन मोटे जानवरों को शान्ति—भेंट के रूप में दोगे उन्हें मैं देखूँगा भी नहीं। तुम यहाँ से अपने शोरगुल वाले गीतों को दूर करो। मैं तुम्हारी वीणा के संगीत को नहीं सुनूँगा। तुम्हें अपने सारे देश में न्याय को नदी की तरह बहने देना चाहिये। अच्छाई को सदा सरिता की धारा की तरह बहने दो जो कभी सूखती नहीं।
आमोस 5:21-24 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)
“मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूँ, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तो भी मैं प्रसन्न न होऊँगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूँगा। अपने गीतों का कोलाहल मुझसे दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुर मैं न सुनूँगा। परन्तु न्याय को नदी के समान, और धार्मिकता को महानद के समान बहने दो।
आमोस 5:21-24 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)
“मैं आप लोगों के उत्सवों से घृणा करता हूं, उन्हें तुच्छ समझता हूं; आप लोगों की सभाएं मेरे लिए एक दुर्गंध के समान हैं. भले ही आप लोग मुझे होमबलि और अन्नबलि चढ़ाएं, पर मैं उन्हें स्वीकार नहीं करूंगा. भले ही आप लोग मुझे अपना मनपसंद मेलबलि चढ़ाएं, पर मेरे लिये उनका कोई मतलब नहीं होगा. दूर रखिए मुझसे अपने गीतों का शोरगुल! मैं आप लोगों की वीणा के संगीत को नहीं सुनूंगा. पर न्याय को नदी के समान, तथा धर्मीपन को कभी न सूखनेवाले सोते के समान बहने दीजिए!