प्रेरितों 18:18-19 - Compare All Versions

प्रेरितों 18:18-19 HERV (पवित्र बाइबल)

बहुत दिनों बाद तक पौलुस वहाँ ठहरा रहा। फिर भाइयों से विदा लेकर वह नाव के रास्ते सीरिया को चल पड़ा। उसके साथ प्रिसकिल्ला तथा अक्विला भी थे। पौलुस ने किंखिया में अपने केश उतरवाये क्योंकि उसने एक मन्नत मानी थी। फिर वे इफिसुस पहुँचे और पौलुस ने प्रिसकिल्ला और अक्विला को वहीं छोड़ दिया। और आप आराधनालय में जाकर यहूदियों के साथ बहस करने लगा।

प्रेरितों 18:18-19 HINCLBSI (पवित्र बाइबिल CL Bible (BSI))

पौलुस बहुत दिन तक कुरिन्‍थुस में रहे। इसके पश्‍चात् वह भाई-बहिनों से विदा ले कर प्रिस्‍किल्‍ला तथा अिक्‍वला के साथ, जलमार्ग द्वारा सीरिया देश चले गये। उन्‍होंने किसी व्रत के कारण किंख्रेअय बन्‍दरगाह में सिर मुंड़ा लिया। जब वे इफिसुस नगर पहुँचे, तो पौलुस ने प्रिस्‍किल्‍ला तथा अिक्‍वला को वहीं छोड़ दिया और स्‍वयं सभागृह में जाकर यहूदियों के साथ वाद-विवाद किया।

प्रेरितों 18:18-19 HHBD (Hindi Holy Bible)

सो पौलुस बहुत दिन तक वहां रहा, फिर भाइयों से विदा होकर किंखि्रया में इसलिये सिर मुण्डाया क्योंकि उस ने मन्नत मानी थी और जहाज पर सूरिया को चल दिया और उसके साथ प्रिस्किल्ला और अक्विला थे। और उस ने इफिसुस में पहुंचकर उन को वहां छोड़ा, और आप ही अराधनालय में जाकर यहूदियों से विवाद करने लगा।

प्रेरितों 18:18-19 HINOVBSI (पवित्र बाइबिल OV (Re-edited) Bible (BSI))

पौलुस बहुत दिन तक वहाँ रहा। फिर भाइयों से विदा होकर किंख्रिया में इसलिये सिर मुण्डाया, क्योंकि उसने मन्नत मानी थी, और जहाज पर सीरिया को चल दिया और उसके साथ प्रिस्किल्‍ला और अक्विला थे। उसने इफिसुस पहुँचकर उनको वहाँ छोड़ा, और आप आराधनालय में जाकर यहूदियों से विवाद करने लगा।

प्रेरितों 18:18-19 IRVHIN (इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019)

अतः पौलुस बहुत दिन तक वहाँ रहा, फिर भाइयों से विदा होकर किंख्रिया में इसलिए सिर मुँड़ाया, क्योंकि उसने मन्नत मानी थी और जहाज पर सीरिया को चल दिया और उसके साथ प्रिस्किल्ला और अक्विला थे। (गिन. 6:18) और उसने इफिसुस में पहुँचकर उनको वहाँ छोड़ा, और आप ही आराधनालय में जाकर यहूदियों से विवाद करने लगा।

प्रेरितों 18:18-19 HCV (सरल हिन्दी बाइबल)

वहां अनेक दिन रहने के बाद पौलॉस भाई बहिनों से विदा लेकर जलमार्ग से सीरिया प्रदेश चले गए. उनके साथ प्रिस्का और अकुलॉस भी थे. केनख्रेया नगर में पौलॉस ने अपना मुंडन करवा लिया क्योंकि उन्होंने एक संकल्प लिया था. वे इफ़ेसॉस नगर में आए. पौलॉस प्रिस्का व अकुलॉस को वहीं छोड़कर यहूदी सभागृह में जाकर यहूदियों से वाद-विवाद करने लगे.