मत्तियाह 9:37-38

मत्तियाह 9:37-38 MYG

तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”

मत्तियाह 9:37-38 के लिए वचन चित्र

मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”मत्तियाह 9:37-38 - तब गुरु येशु ने अपने शिष्यों से कहा, “पकी फसल तो बहुत है परंतु कटाई के लिए मजदूर थोड़े हैं। इसलिए खेत के मालिक से प्रार्थना करो कि वह अपनी फसल काटने के लिए और मजदूर खेत में भेजे।”

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