पतरस जेल में बंद थे और इधर सत्संगी उसके लिए एक मन से परमात्मा से लगातार प्रार्थना कर रहे थे।
राजदूतों 12 पढ़िए
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गहरे ग़म के वक़्त में हुआ एक महान चमत्कार, जिसमें किरदार हैरान कर देने वाले तरीके से इंसानी कमज़ोरियों के साथ नज़र आते हैं, यही पतरस के क़ैदखाने से छूटने की कहानी है, जो हमें सिखाती है कि जब हम ख़ुद को फँसा हुआ महसूस करते हैं तब भी ख़ुदा मदद भेजता है।
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