रोमियों 6:5-11
रोमियों 6:5-11 HCV
यदि हम येशु मसीह की मृत्यु की समानता में उनके साथ जोड़े गए हैं तो निश्चित ही हम उनके पुनरुत्थान की समानता में भी उनके साथ जोड़े जाएंगे. हमें यह मालूम है कि हमारा पहले का मनुष्यत्व मसीह के साथ ही क्रूसित हो गया था कि हमारे पाप का शरीर निर्बल हो जाए और इसके बाद हम पाप के दास न रहें क्योंकि जिस व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी, वह पाप की अधीनता से मुक्त हो चुका है. अब, यदि मसीह के साथ हमारी मृत्यु हो चुकी है, हमारा विश्वास है कि हम उनके साथ जीवित भी रहेंगे. हम यह जानते हैं कि मरे हुओं में से पुनरूत्थित मसीह की मृत्यु अब कभी नहीं होगी; उन पर मृत्यु का अधिकार नहीं रहा. उनकी यह मृत्यु हमेशा के लिए पाप के प्रति मृत्यु थी. अब उनका जीवन परमेश्वर से जुड़ा हुआ जीवन है. इसलिये आप लोग भी स्वयं को पाप के प्रति तो मरा हुआ परंतु मसीह येशु में परमेश्वर के प्रति जीवित समझिए.





