प्रेरितों 4:1-8
प्रेरितों 4:1-8 HCV
जब वे भीड़ को संबोधित कर ही रहे थे, कि अचानक पुरोहित गण, मंदिर रखवालों का प्रधान तथा सदूकी पेतरॉस तथा योहन के पास आ पहुंचे. वे अत्यंत क्रोधित थे क्योंकि प्रेरित भीड़ को शिक्षा देते हुए येशु द्वारा मरे हुओं के जी उठने की घोषणा कर रहे थे. उन्होंने पेतरॉस तथा योहन को बंदी बनाकर अगले दिन तक के लिए कारागार में डाल दिया क्योंकि दिन ढल चुका था. उनके संदेश को सुनकर अनेकों ने विश्वास किया, जिनकी संख्या लगभग पांच हज़ार तक पहुंच गई. अगले दिन यहूदियों के शासक, यहूदी नेतागण और यहूदी व्यवस्था-विधान के शिक्षकगण येरूशलेम में इकट्ठा थे. वहां महापुरोहित हन्ना, कायाफ़स, योहन, अलेक्सान्दरॉस तथा महापुरोहित के परिवार के सभी सदस्य इकट्ठे थे. उन्होंने पेतरॉस तथा योहन को सबके बीच खड़ा कर प्रश्न करना प्रारंभ कर दिया: “तुमने किस अधिकार से या किस नाम में यह किया है?” तब पवित्र आत्मा से भरकर पेतरॉस ने उत्तर दिया: “सम्माननीय शासकगण और समाज के नेतागण!

