आइए, हम यहोवाह को मान लें;
आइए, हम उन्हें जानने के लिये यत्न करें.
जिस प्रकार निश्चित रूप से सूर्य उदय होता है,
उसी प्रकार वह भी निश्चित रूप से प्रगट होंगे;
वह हमारे पास ठंड की वर्षा के समान,
वर्षा ऋतु के बारिश के समान आएंगे,
जो भूमि को सींच जाती है.”