निःशुल्क पठन योजनाएँ और भक्तिपूर्ण पठन योजनाएँ जो फिलिप्पियों 4:7 से संबंधित हैं

चिन्ता को उसी के रचे खेल में हराना
चार दिन
चिंता किसी भी प्रारूप में कमज़ोर बना सकती है क्योंकि यह हमें असंतुलित करके भयभीत बना देती है। हालांकि यह कहानी का अन्त नहीं है, क्योंकि प्रभु यीशु में हमें परेशानियों से मुक्ति और जय पाने का अनुग्रह मिलता है। हम केवल इस पर जय ही नहीं पाते वरन पहले से बेहतर बन जाते हैं। इसके लिए परमेश्वर के वचन और सुनिश्चित करने वाली परमेश्वर की उपस्थिति का धन्यवाद दें।

चिंता पर विजय
पांच दिन
चिंता करने के लिए प्रवृत होते समय, हम उसे परमेश्वर को सौंप सकते हैं l वह हमारा ध्यान रखने में कभी नहीं थकता है l वह सबसे बुद्धिमान और सामर्थी है, और वह इन्हें हमारे लिए उपयोग करना चाहता है l तारों, नक्षत्रों को आज्ञा देनेवाला परमेश्वर हमारे चारों ओर अपनी बाहें फैलता है l जहां विश्वास आरम्भ होता है वहां चिंता समाप्त हो जाती है l परमेश्वर पर भरोसा करके चिंता पर विजय प्राप्त करें!

बिना डर के जीना
पांच दिन
अगर डर का अस्तित्व नहीं हो, तो जीवन कैसा दिखाई देगा ? आप सपने कैसे देखेंगे ? आप क्या करेंगे ? आप कहां जाएंगे ? क्याआप जानते हैं निडर होना क्या होता है ? जब हम निडरता में जीते हैं तो लोग यीशु को ऐसा हमारे अंदर देखते हैं जैसा उन्होंने पहले कभीनहीं देखा |

वैश्विक महामारी की बीमारी के दौरान आशा
5 दिन
ये अभूतपूर्व, अद्वितीय, बेजोड़ समय हैं हम सभी के लिए जो पृथ्वी पर कहीं भी रहते हैं। इतिहास के अनुसार, हम आशा पा सकते हैं, जब हम वो की ओर मुड़ते हैं जिसने यह सब बनाया है और सभी का स्वामी है। बाइबल इन बातों के बारे में क्या कहती है? इस संकट के लिए परमेश्वर की प्रतिक्रिया क्या है? और जीवन और मृत्यु में मेरी आशा क्या है?

टेस्टिंग, टेस्टिंग, टेस्टिंग: एक सुरक्षा जांच
6 दिन
तीन-भागों की श्रृंखला के अंतिम भाग में, डॉ रमेश रिचर्ड, जो RREACH (वैश्विक स्तर पर सुसमाचार सुनाने वाली सेवकाई) के अध्यक्ष और डालास थियोलोजिकल सेमिनरी के आचार्य हैं,अंतिम "जांच" की चर्चा करते हैं, कि विपत्ति और व्यवधान एक विश्वासी को - एक "सुरक्षा जांच” प्रदान करते हैं । अंततः त्रिएक मसीही विश्वास की छाया और सशक्तिकरण के तहत हमें अपना जीवन जीने की स्वतंत्रता है।

प्रज्वलित: निर्भीक प्रार्थना के लिए एक सरल मार्गदर्शिका
6 दिन
प्रार्थना एक उपहार है, हमारे स्वर्गिक पिता के साथ संबंधित रहने का एक अविश्वसनीय अवसर है। इस 6-दिवसीय योजना में, यीशु ने हमें प्रार्थना के बारे में क्या सिखाया इसे हम जानेंगे तथा लगातार और बड़ी निर्भीकता के साथ प्रार्थना करने के लिए प्रेरित होंगे।

शानदार शालोम
6 दिन
ख़ुदा आपको ऐसा सुकून बक्शना चाहता है जो हर समझ से परे है! इस ६-दिन की पढ़ने की योजना में हमारे साथ शामिल हों जायें और उस सुकून को हासिल करें जो ख़ुदा ने पहले से ही आपके लिए तैयार रखा है।

फ्राँसिस चैन के साथ अत्यंत उत्साहपूर्ण प्रेम
7 दिवस
फ्राँसिस चैन की न्यूयॉर्क टाइम्स की बहुचर्चित पुस्तक "क्रेज़ी लव" में से लिया गया है, जिसमें उन्होंने, हमारे प्रति परमेश्वर के अद्भुत उत्साहपूर्ण प्रेम की, तथा ऐसे प्रेम के लिए हमारी उपयुक्त प्रतिक्रिया कैसी होनी चाहिए, इन बातों का गहराई से गहन शोध किया है। परन्तु वे वहाँ नहीं रुके, बल्कि हमें परमेश्वर की महानता पर विचार करने, तथा उसकी अनंतकाल की महिमा और यहाँ पृथ्वी पर हमारे अस्थाई जीवन के बीच के उस बड़े अन्तर पर विचार करने की चुनौतियों को दे रहें हैं।

शान्ति की खोज
7 दिवस
Tearfund दुनिया भर के समुदायों के बीच शांति, बहाल रिश्तों और सामंजस्य की सक्रिय आवाज़ बनने के लिए परमेश्वर की अगुवाई करते हैं। इस 7-दिवसीय अध्ययन में कुछ दैनिक क्रियाकलाप शामिल हैं जो आपके अपने रिश्तों को बहाल करने के लिए और अफ्रीकी नीतिवचन से समृद्ध ज्ञान द्वारा परमेश्वर की सच्ची शांति की खोज करने में मदद करते हुए उस दुनिया के लिए प्रार्थना करने में आपका मार्गदर्शन करेगा जिसमे हम रहते हैं।

मजबूत बने रहें -Majaboot Bane Rahen ( Stay Strong)
7 दिन
अच्छी शुरुआत से सिर्फ आधा काम होता है। मैं अंत तक कैसे मजबूत रहूँ? नवाज़ डिक्रूज़ ( Navaz DCruz) द्वारा लिखा और गुरमीत धनोवा द्वारा अनुवाद किया यह आलेख आपको यीशु में हमारे विश्वास को बढ़ाने के विषय में पौलुस द्वारा कुलुसियों में दिए कुछ मुख्य साधनों में से ले जाएगा।

धन्यवाद से परिपूर्ण जीवन जीना
7 दिन
जीवनदाता और सभी आशीषों पर अपनी निर्भरता पर विचार करते हुए डॉ.रमेश रिचर्ड के साथ हुए सात दिन बिताएं। वह RREACH के अध्यक्ष और डालास थियोलोजिकल सेमिनरी के आचार्य हैं ,जो पासबान के दृष्टिकोण को रखते हुए बताएंगे कि जीवन में कृतज्ञता का कैसे अभ्यास करना चाहिए। आइए हम अपने पास पाई जाने वाली चीज़ों और सभी ज़रूरी चीज़ों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद व उस पर भरोसा करें।

ख़ुदा ताक़तवर हैं
7 दिन
इन ७-दिनों की पढ़ने की योजना में, ख़ुदा की क़ुदरत को आपके ज़िंदगी में ज़ाहिर करने के उसके तमाम तरीक़ों को याद करें।

दाखलता
12 दिन
यीशु का अनुसरण करने वाले नए लोगों के लिए सबसे आम सवालों में से एक है, "अब मुझे क्या करना चाहिए?" उसे प्यार करना, उसकी आज्ञा मानना और विश्वासियों के समुदाय का हिस्सा बनना कैसा दिखता है? यह पठन योजना इस बात के लिए एक बाइबिल आधारित रूपरेखा देती है कि अपने व्यक्तिगत संबंध को यीशु के साथ और चर्च के मिशन के साथ कैसे एकीकृत किया जाए।

परमेश्वर प्रगट हुए- नये नियम की एक यात्रा
13 दिन
क्या हमारा जीवन मसीह से मुलाकात करने के बाद लगातार बदल रहा है? हम जीवन के परे सम्पत्ति को कैसे बना सकते हैं? हम कैसे आनन्द, सन्तुष्टि और शान्ति को हर परिस्थिति में बना कर रख सकते हैं? इन सारी बातों को वरन कई अन्य बातों को पौलुस की पत्री में सम्बोधित किया गया है।

प्रतिदिन परमेश्वर के करीब
14 दिन
इस 14-दिवसीय डिवोशनल में जॉयस पाठकों को परमेश्वर के साथ उनके संबंधों में और अधिक घनिष्ठता में बढ़ते हुए अधिक आत्मविश्वास, आनंदमय जीवन प्राप्त करने में मदद प्रदान करती है।

फिलिप्पियों
18 दिन
नीतिवचन लंबे अनुभवों से तैयार किए गए छोटे वाक्य हैं जो सच्चाई को इस तरह से सिखाते हैं कि याद रखना आसान हो - सत्य जो हमें बुद्धिमान निर्णय लेने में मदद करते हैं। जब आप ऑडियो अध्ययन सुनते हैं और भगवान के वचन से चुनिंदा छंद पढ़ते हैं तो नीतिवचन के माध्यम से दैनिक यात्रा करें।

BibleProject | यीशु-आगमन पर चिंतन
28 दिन
बाइबिल प्रोजेक्ट ने व्यक्ति-विशेष, छोटे समूहों एवं परिवारों को प्रेरित करने के लिए यीशु-आगमन सम्बन्धी चिंतन की संरचना की है ताकि वे यीशु के आगमन या आने का उत्सव मना सकें| इस चार सप्ताह की योजना में शामिल हैं एनीमेटेड वीडियो, छोटे सारांश, और चिंतन-प्रश्न जो प्रतिभागियों की सहायता करते हैं ताकि वे आशा, शान्ति, आनंद और प्रेम जैसे विचारों का अध्ययन बाइबिल में दिए गए अर्थ अनुसार कर सकें|

ईश्वर नियंत्रण में है
30 दिन
What does it mean to trust God with all your heart? This coming month, you are invited to live this unshakable truth: God is in control and worthy of your complete trust. From creation to the cross, from daily needs to life's trials, you will learn to rest in His sovereignty, trust in His grace, and walk in His provision. Each day will call you to exchange fear for faith, self-reliance for surrender, and doubt for trust in God's character.