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मोत्ती 10:16
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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“हेरा, मंऐं लाऐ तम्हैं भेडा ज़िहै धेल़णै-च़िरनैं आल़ै रुहले छ़ुंढा जैंदरी छ़ाडी। तम्हैं रहै दानुईं ज़िहै च़लाक अर पालल़ी ज़िहै भोल़ै।
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मोत्ती 10:39
किल्हैकि ज़ुंण बी ऐहा पृथूई दी आपणीं ज़िन्दगी बच़ाऊंणी च़ाहे, सह करा परमेशरा संघै सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी ज़ांऐं, ज़ुंण मुंह दी विश्वास करनै पिछ़ू आपणीं ज़ान दैए, तेऊ भेटणीं परमेशरा संघै सदा लै ज़िन्दगी।
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मोत्ती 10:28
“तम्हैं निं तिन्नां का डरी आथी ज़ुंण थारी देही च़ाहा मारनअ, तिंयां निं थारी आत्मां मारी सकदै। पर डरनअ सिधअ तेऊ परमेशरा का ज़ुंण देही अर आत्मां दुही सका जम्परी खतम करी।
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4
मोत्ती 10:38
ज़ुंण असली दी मेरअ च़ेल्लअ बणनअ च़ाहा, सह रहै मुल्है मरना लै तैर। सह ज़िऊऐ इहै मणछा ज़िहअ ज़ुंण आपणअ क्रूस आपणीं कान्हा च़की मर्दअ आसा च़ाल्लअ द।
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मोत्ती 10:32-33
“हुंह बोला तम्हां का कि ज़ुंण मुंह मणछे सम्हनै मने, सह मनणअ मुंह स्वर्गै आपणैं बाब परमेशरे सम्हनै। पर ज़ुंण होरी मणछा सेटा मेरै बारै हुधिए, तेऊ लै हुधणअ मुंह बी स्वर्गै आपणैं बाब परमेशरा सेटा।
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6
मोत्ती 10:8
रोगी मणछा करै नरोगै, मूंऐं दै करै भिई ज़िऊंदै, कोहल़ निखल़ै दै मणछा करै शुचै अर भूता काढै दूर। तम्हैं दैऐ इना मुफ्त ज़िहअ तम्हां मुफ्त आसा भेटअ द।
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7
मोत्ती 10:31
तैही बोला हुंह डरी निं आथी, तम्हैं आसा तिन्नां च़ेल्ली का खास्सै किम्मती।
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मोत्ती 10:34
“इहअ निं समझ़ा कि हुंह आसा पृथूई दी मेल़-ज़ोल़ करदअ आअ द, हुंह निं मेल़-ज़ोल़ करदअ आथी पर तिन्नां मांझ़ै ज़ुंण मुंह पिछ़ू एछे तिंयां करनै मुंह ज़ुदै।
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