मत्ती 28
28
मुअलमेसे येशूक जिलक
(मर्कू. १६:१-११; लूक. २४:१-१२; यूह. २०:१-१८)
1बिँसैना दिनके पाछे, हप्तक सुरुक दिन रिमरिम ओजरार हुइलमे मग्दल गाउँक मरियम और दोसुर मरियम चिहान हेरे अइलाँ। 2बरवार भूकम्प गैलस, काकरेकी परमप्रभुक एकथो स्वर्गदूत स्वर्गमेसे तरे उतरल, और आके पठरा हटाके ओकर उप्पर बैठगिल। 3ओकर रुप बिज्ली हस और लुग्गा हिउँ हस उज्जर रहिस। 4ओकर डरकमारे उ चौकिदर्वन थरथराके भुइयाँमे गिरपरलाँ, और मुअल हस होगिलाँ। 5पर स्वर्गदूतनके उ जन्नी मनैनहे कलाँ, “तुहुरे ना डराऊ। काकरेकी मै जानल बतुँ। तुहुरे क्रूसमे टाँगल येशूहे खोजतो। 6ऊ यहाँ नै हुइताँ। काकरेकी ऊ अपन कहल हस जित्ती होगिल बताँ। आऊ, हुँकिन्हे धारल ठाउँ हेरो। 7तब् झत्ते जाके हुँकार चेलनहे खबर देऊ, कि ऊ मुअलमेसे जित्ती होगिल बताँ, और ऊ तुहुरिन्से आघे गालील प्रदेशमे जाइतताँ। तुहुरे हुँकिन्हे वहाँ देख्बो। हेरो, मै तुहुरिन्हे बतादेहलतुँ।” 8तब् ओइने डर और गजब आनन्दसे झत्ते-झत्ते चिहानमेसे निकरके गैलाँ, और हुँकार चेलनहे खबर देहे दौरपरलाँ।
स्त्रीनके आघे येशू देखा पर्लक
9एकफाले येशू ओइन्के थेन देखा परलाँ और कलाँ, “शान्ति!” तब ओइने हुँकार लग्गे आके आदरसे हुँकार गोरा पकरके आराधना करलाँ। 10तब् येशू ओइन्हे कलाँ, “ना डराऊ, जाके मोरिक चेलनहे गालील प्रदेशमे जाई कहिदेऊ, और वहाँ ओइने महिन्हे देख्हीँ।”
चौकिदर्वन जनैलाँ
11जब उ जन्नी मनै चेलनहे खबर देहे जाइबेर डग्रेहेमे पुगल रहिँत। तब चिहानके अख्वारी करुइयनमेसे कौनो चौकीदर्वन नगरमे जाके मुख्य पुजारीहे वहाँ हुइलक घटनक बारेमे खबर देलाँ। 12जब मुख्य पुजारीनके यहूदी दलके नेतन संग जमा हुइलाँ। ओइने सल्लाहा करलाँ। और सिपाहिनहे असिक कहिके बहुत्ते पैँसक घुस देलाँ। 13“तुहुरे सक्कु मनैनहे कहहो, कि ‘रातके जब हम्रे निदागिल रही। तब् ओकर चेलनके आके उहिहे चोराके लैगिलाँ।’ 14कहुँ हाकिमके कानेम यी बात पुगगिल कलेसे हम्रे हुँकिन्हे मनाके हम्रे तुहुरिन्हे समस्यामे परे नै देबी।” 15तब् ओइने उ पैँसा लेलाँ, और ओइन्के सिखाइल हस करलाँ, और यहूदिनमे आजसम यहे बात फैलल पलि बा।
अन्तिम सन्देश
16उ एघारै चेलनके गालील प्रदेशके उ पहाड़मे गैलाँ, जहाँ येशू ओइन्हे जाई कले रहिन। 17ओइने हुँकिन्हे देख्के आराधना करलाँ, पर गोड्गात मनै हुँकार जित्ती हुइलकमे शंखा करलाँ। 18तब् येशू ओइन्के थेन आके कलाँ, “स्वर्ग और पृथ्वीक सारा अधिकार महिन्हे देगिल बा। 19तबेकमारे जाऊ, और सक्कु देशके जातिनहे चेला बनाऊ। परमेश्वर बाबा, मै, छावा और पवित्र आत्मक नाउँमे ओइन्हे डुब्कि देऊ, 20मै तुहुरिन्हे जोन आज्ञा देहल रहुँ, उ सक्कु आज्ञा पालन करे ओइन्हे सिखाऊ। हेरो, युगके अन्त्यसम सदादिन मै तुहुरिन्के संग बतुँ।”
Айни замон обунашуда:
मत्ती 28: DVGNT
Лаҳзаҳои махсус
Нусха
Муқоиса
Паҳн кунед
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Deukhuri (देउखरिया थारु) Bible by The Love Fellowship is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.
मत्ती 28
28
मुअलमेसे येशूक जिलक
(मर्कू. १६:१-११; लूक. २४:१-१२; यूह. २०:१-१८)
1बिँसैना दिनके पाछे, हप्तक सुरुक दिन रिमरिम ओजरार हुइलमे मग्दल गाउँक मरियम और दोसुर मरियम चिहान हेरे अइलाँ। 2बरवार भूकम्प गैलस, काकरेकी परमप्रभुक एकथो स्वर्गदूत स्वर्गमेसे तरे उतरल, और आके पठरा हटाके ओकर उप्पर बैठगिल। 3ओकर रुप बिज्ली हस और लुग्गा हिउँ हस उज्जर रहिस। 4ओकर डरकमारे उ चौकिदर्वन थरथराके भुइयाँमे गिरपरलाँ, और मुअल हस होगिलाँ। 5पर स्वर्गदूतनके उ जन्नी मनैनहे कलाँ, “तुहुरे ना डराऊ। काकरेकी मै जानल बतुँ। तुहुरे क्रूसमे टाँगल येशूहे खोजतो। 6ऊ यहाँ नै हुइताँ। काकरेकी ऊ अपन कहल हस जित्ती होगिल बताँ। आऊ, हुँकिन्हे धारल ठाउँ हेरो। 7तब् झत्ते जाके हुँकार चेलनहे खबर देऊ, कि ऊ मुअलमेसे जित्ती होगिल बताँ, और ऊ तुहुरिन्से आघे गालील प्रदेशमे जाइतताँ। तुहुरे हुँकिन्हे वहाँ देख्बो। हेरो, मै तुहुरिन्हे बतादेहलतुँ।” 8तब् ओइने डर और गजब आनन्दसे झत्ते-झत्ते चिहानमेसे निकरके गैलाँ, और हुँकार चेलनहे खबर देहे दौरपरलाँ।
स्त्रीनके आघे येशू देखा पर्लक
9एकफाले येशू ओइन्के थेन देखा परलाँ और कलाँ, “शान्ति!” तब ओइने हुँकार लग्गे आके आदरसे हुँकार गोरा पकरके आराधना करलाँ। 10तब् येशू ओइन्हे कलाँ, “ना डराऊ, जाके मोरिक चेलनहे गालील प्रदेशमे जाई कहिदेऊ, और वहाँ ओइने महिन्हे देख्हीँ।”
चौकिदर्वन जनैलाँ
11जब उ जन्नी मनै चेलनहे खबर देहे जाइबेर डग्रेहेमे पुगल रहिँत। तब चिहानके अख्वारी करुइयनमेसे कौनो चौकीदर्वन नगरमे जाके मुख्य पुजारीहे वहाँ हुइलक घटनक बारेमे खबर देलाँ। 12जब मुख्य पुजारीनके यहूदी दलके नेतन संग जमा हुइलाँ। ओइने सल्लाहा करलाँ। और सिपाहिनहे असिक कहिके बहुत्ते पैँसक घुस देलाँ। 13“तुहुरे सक्कु मनैनहे कहहो, कि ‘रातके जब हम्रे निदागिल रही। तब् ओकर चेलनके आके उहिहे चोराके लैगिलाँ।’ 14कहुँ हाकिमके कानेम यी बात पुगगिल कलेसे हम्रे हुँकिन्हे मनाके हम्रे तुहुरिन्हे समस्यामे परे नै देबी।” 15तब् ओइने उ पैँसा लेलाँ, और ओइन्के सिखाइल हस करलाँ, और यहूदिनमे आजसम यहे बात फैलल पलि बा।
अन्तिम सन्देश
16उ एघारै चेलनके गालील प्रदेशके उ पहाड़मे गैलाँ, जहाँ येशू ओइन्हे जाई कले रहिन। 17ओइने हुँकिन्हे देख्के आराधना करलाँ, पर गोड्गात मनै हुँकार जित्ती हुइलकमे शंखा करलाँ। 18तब् येशू ओइन्के थेन आके कलाँ, “स्वर्ग और पृथ्वीक सारा अधिकार महिन्हे देगिल बा। 19तबेकमारे जाऊ, और सक्कु देशके जातिनहे चेला बनाऊ। परमेश्वर बाबा, मै, छावा और पवित्र आत्मक नाउँमे ओइन्हे डुब्कि देऊ, 20मै तुहुरिन्हे जोन आज्ञा देहल रहुँ, उ सक्कु आज्ञा पालन करे ओइन्हे सिखाऊ। हेरो, युगके अन्त्यसम सदादिन मै तुहुरिन्के संग बतुँ।”
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