YouVersion logo
Dugme za pretraživanje

मत्ती 5:5

मत्ती 5:5 PSP25

“धन्य सेत वय, जोन नरम सेत! काहे का वय धरती का मालीक होयेत।”

Video za मत्ती 5:5

Slike za stih मत्ती 5:5

मत्ती 5:5 - “धन्य सेत वय, जोन नरम सेत!
काहे का वय धरती का मालीक होयेत।”मत्ती 5:5 - “धन्य सेत वय, जोन नरम सेत!
काहे का वय धरती का मालीक होयेत।”