दानिएल 12

12
संसार खतम हणें बारै
1तेखअ बोलअ तेऊ स्वर्ग दूतै मुल्है इहअ ज़ुंणी बाछे झिकल़ै तै बान्हैं दै, #प्रका. 12:7“तेखअ एछणअ मिकाईल ज़ुंण परमेशरो महान स्वर्ग दूत आसा। सह आसा तिन्‍नां प्रैंदै प्रधान सैनापति ज़ुंण स्वर्ग दूत तेरै लोगे फाज़त करा। ज़ेभै सह प्रगट हणअ, तेभै हणीं खास्सी आफ़त। थारअ देश बणनैं ओर्ही तैहा धैल़ी तैणीं निं तेही आफ़त कधि पल़ी। पर थारै आपणैं लोगा मांझ़ै जाणैं कई लोग तैहा आफ़ता का बच़ी। ईंयां बच़णैं तिंयां ई ज़सरै नाअं परमेशरे कताबा#12:1 कताबा जंतरी दी आसा दर्ज़ किऐ दै।#मोत्त. 24:21; मार्क. 13:19; प्रका. 7:14; 12:7 2कई ज़ुंण मरी हणैं गऐ दै, तिंयां हणैं भिई। कोऐ भेटणीं सदा लै ज़िन्दगी अर कोऐ हणैं सदा लै शर्मिंदै।#ईशा. 26:19; मोत्त. 25:46; जोह. 5:29 3ज़ुंण अक्ली आल़ै मणछ होए तिन्‍नां का लागणअ सरगे तारै ज़िहअ च़लकार। ज़ुंणीं धर्मीं सोभी का धर्म करनअ सखाऊअ, तिंयां बी च़मकणै सदा तिहै ई।#मोत्त. 13:43
4“दानिएल, तूह डाह ऐहा कताबा दी सील लाई एता बुदरी, अह निं संसार खतम हणैं तैणीं कोही लोल़ी खोल्ही। कई लोगा करनी इना गल्‍ला समझ़णें कोशिश, तिन्‍नां दैणीं एतो थोघ करना लै सारै दी हांढा कि आजू किज़ै च़ाल्‍लअ हई।”#प्रका. 22:10
5ज़ांऊं स्वर्ग दूत इना गल्‍ला खोज़ी मुक्‍कअ, हुंह दानिएल लागअ उझै भाल़अ। मुखा शुझुऐ दूई होर मणछ। एक त दरैऊआ आर बाखा ज़िधी हुंह त, अर दुजअ त दरैऊआ पार बाखा।
6तिन्‍नां मांझ़ै लागअ एक ज़ण्हअ तेऊ स्वर्ग दूता संघै गल्‍ला करदअ ज़ुंणीं बाछे झिकल़ै थिऐ बान्हैं दै, ज़ुंण ऐबै दरैऊआ प्रैंदै त खल़्हुअ द, “इना नुआहरै कामां पूरै हणां लै केतरअ बगत लागणअ।”
7तेखअ ज़ुंण बाछे झिकल़ै बान्हअ द स्वर्ग दूत दरैऊआ प्रैंदै त खल़्हुअ द, तेऊ किऐ आपणैं हाथ उझै सरगा बाखा लै खल़ै। मंऐं शूणअ सह सदा ज़िऊंदै परमेशरे सोह खाई इहअ बोल्दअ, “ईंयां गल्‍ला रहणीं साढै चिई साला तैणीं हंदी लागी, तेखअ हणअ परमेशरे परज़े दुशमणो बल खतम अर ईंयां गल्‍ला जाणीं निभी मुक्‍की।”#प्रका. 10:5-7; 12:14
8मंऐं शूणअ सह इहअ बोल्दअ पर मुंह निं समझ़ पल़ी कि अह तेऊ किज़ै बोलअ। तेखअ पुछ़अ मंऐं सह स्वर्ग दूत, “मालक, खिरी इना गल्‍लो कै नतिज़अ निखल़णअ।”
9तेऊ दैनअ ज़बाब, “दानिएल, एभै डेऊ तूह इधा का, ईंयां गल्‍ला डाहणीं तेभै तैणीं गुप्त ज़ेभै तैणीं संसार खतम हणैंओ बगत निं एछे। 10ज़ेभै आफ़त पल़णीं, तेभै हणीं खास्सै लोगे शुधी। पर कदुष्ट मणछ रहणैं कबल्‍लै बूरअ ई करदै लागी, तिन्‍नां निं ईंयां गल्‍ला समझ़ एछणी। ज़हा अक्ल हणीं, तिन्‍नां जाणीं ईंयां गल्‍ला समझ़ एछी।#प्रका. 22:11
11“ज़ेभै पबित्र भबनै धैल़ हणैं आल़ै हूम बल़ीदान करना लै रोक लागणीं अर पबित्र ज़ैगा बनाश करनै आल़ी च़िल़्हखरी मुहुर्त डाहणीं स्तापी, तैहा धैल़ी पोर्ही निभणी एक हज़ार दूई शौ नबै धैल़ी।#दान. 9:27; 11:31; मोत्त. 24:15; मार्क. 13:14 12तिन्‍नां मणछा लै दैणी परमेशरा बर्गत ज़ुंण एक हज़ार चअन शौ पैंईंती धैल़ी निभणैं तैणीं शुचै-पाक्‍कै रहे!
13“दानिएल, तूह रहै खिरी तैणीं शुचअ-पाक्‍कअ। तूह जाणअ मरी पर संसार खतम हणें बेला हणअ तूह भिई ज़िऊंदअ। तेखअ जाणी ताह सह नांम भेटी ज़ुंण ताल्है परमेशरै तेरै हेस्सै आसा डाही दी।”

Marker

Kopier

Sammenlign

Del

None

Vil du ha høydepunktene lagret på alle enhetene dine? Registrer deg eller logg på