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आमाल 26:17-18
किताब-ए मुक़द्दस
DGV
मैं तुझे तेरी अपनी क़ौम से बचाए रखूँगा और उन ग़ैरयहूदी क़ौमों से भी जिनके पास तुझे भेजूँगा। तू उनकी आँखों को खोल देगा ताकि वह तारीकी और इबलीस के इख़्तियार से नूर और अल्लाह की तरफ़ रुजू करें। फिर उनके गुनाहों को मुआफ़ कर दिया जाएगा और वह उनके साथ आसमानी मीरास में शरीक होंगे जो मुझ पर ईमान लाने से मुक़द्दस किए गए हैं।’
तुलना
अन्वेषण गर्नुहोस् आमाल 26:17-18
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आमाल 26:16
लेकिन अब उठकर खड़ा हो जा, क्योंकि मैं तुझे अपना ख़ादिम और गवाह मुक़र्रर करने के लिए तुझ पर ज़ाहिर हुआ हूँ। जो कुछ तूने देखा है उस की तुझे गवाही देनी है और उस की भी जो मैं आइंदा तुझ पर ज़ाहिर करूँगा।
अन्वेषण गर्नुहोस् आमाल 26:16
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आमाल 26:15
मैंने पूछा, ‘ख़ुदावंद, आप कौन हैं?’ ख़ुदावंद ने जवाब दिया, ‘मैं ईसा हूँ, वही जिसे तू सताता है।
अन्वेषण गर्नुहोस् आमाल 26:15
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आमाल 26:28
अग्रिप्पा ने कहा, “आप तो बड़ी जल्दी से मुझे क़ायल करके मसीही बनाना चाहते हैं।”
अन्वेषण गर्नुहोस् आमाल 26:28