आप उन्हें नियमों और व्यवस्था की बातों को सिखाते जाइए और उन्हें किस तरह रहना है और उनकी आदतें कैसी हों यह सीखाइए, और कौन-कौन से काम उन्हें करने हैं यह बताते जाइए. साथ ही आप इन लोगों में से कुछ ऐसे लोगों को चुन लीजिए—जो सच्चाई से परमेश्वर के भय और श्रद्धा में जीने वाले हों, तथा अन्याय के लाभ से नफ़रत करते हों. इस प्रकार के व्यक्तियों को अलग करके, लोगों को झुंड में बांटकर, जवाबदारी उनको दे दीजिए, जो हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास तथा दस-दस लोगों का झुंड हो.