प्रेरितों 10:34-35

प्रेरितों 10:34-35 HSB

तब पतरस ने अपना मुँह खोला और कहा, “अब मैं सचमुच समझ गया हूँ कि परमेश्‍वर किसी का पक्षपात नहीं करता, बल्कि प्रत्येक जाति में जो उसका भय मानता और धार्मिकता के कार्य करता है, वह उसे ग्रहणयोग्य होता है।

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