निःशुल्क पठन योजनाएँ और भक्तिपूर्ण पठन योजनाएँ जो यूहन्ना 20:27 से संबंधित हैं

पुनरुत्थान की मुलाक़ातें - वो पाँच जगह जहाँ यीशु मसीह आपसे मुलाक़ात करेगा
5 दिन
यीशु मसीह के फ़िरसे जिंदा होने के बाद उसने पाँच बार अपने चेलों से अलग-अलग तरीक़ों से मुलाक़ात की। ये पाँच अनुभव यह दर्शाते हैं कि आज भी यीशु मसीह आपसे मिलना चाहता है और उसे इस पाँच दिन की पढ़ने की योजना से खोजें।

मसीह एक धर्मात्मा (परमेश्वर-मनुष्य): कुंवारी से जन्म ले ने पर पड़ने वाला प्रभाव
6 दिन
छह दिन डॉ.रमेश रिचर्ड के साथ बिताएं, जो RREACH (वैश्विक स्तर पर सुसमाचार सुनाने वाली सेवकाई) के अध्यक्ष और डालास थियोलोजिकल सेमिनरी के आचार्य हैं, जो हमें मसीह की ईश्वरीयता और उसकी मानवता से सम्बन्धित समयोचित प्रकाशन प्रदान करेगें। अपने हृदय को कुवांरी से जन्म लेने तथा मसीही जीवन में इसके आशय के महत्व पर चिन्तन करते हुए क्रिमसस के पर्व को मनाने के लिए तैयार करें।

मृत्यु का हत्यारा
8 दिन
RREACH (विश्व प्रसिद्ध सेवाकाई) के अध्यक्ष और डलास थियोलॉजिकल सेमिनरी के प्रोफेसर डॉ. रमेश रिचर्ड के साथ छह दिन बिताएं, जब वे मसीह के कार्य की मृत्यु की हत्या करने वाले के रूप में छान-बीन कर रहे हैं। हालांकि शारीरिक मृत्यु हम सब के लिए वास्तविक है, लेकिन यहाँ पर आशा है- अर्थात यीशु के नाम में अनन्त जीवन।

मृत्यु से जीवन तक
12 दिन
हमें क्रिसमस की सारी खुशियाँ पसंद हैं, लेकिन ईस्टर भी कम नहीं है। जो बैतलहम में आरम्भ हुआ था, वह गुलगुता में समाप्त होता हुआ प्रतीत हुआ, फिर भी वह वहाँ खत्म नहीं हुआ! यह बारह दिनों की ईस्टर योजना है, जिसमें अंतिम भोज, यीशु की मृत्यु, बीच के विश्राम के दिन और एक महिमामय पुनरागमन के महत्व पर मनन किया जाएगा।