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मत्ती 14:30-31
देउखरिया थारु
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पर बयाल जोरसे चलत देख्के ऊ डरागिल, और जब डुबे लागल ते ऊ चिल्लाके कहल, “हे प्रभु, महिन्हे बँचाई।” तब् येशू झत्ते अपन हाँथ पसारके उहिहे पकरलेलाँ, और उहिहे कलाँ, “ए अल्पविश्वासी, काकरे शंखा करलो?”
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मत्ती 14:30
पर बयाल जोरसे चलत देख्के ऊ डरागिल, और जब डुबे लागल ते ऊ चिल्लाके कहल, “हे प्रभु, महिन्हे बँचाई।”
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मत्ती 14:27
पर येशू झत्तेहेँ ओइन्से बात बत्वैलाँ, “सँस्सा करो, यी मै हुइतुँ, ना डराऊ।”
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मत्ती 14:28-29
पत्रुस हुँकिन्हे कहल, “हे प्रभु, अप्निए हुइती कलेसे, महिन्हे अप्निक थेन पानीक उप्पर आई कही।” येशू कलाँ, “आऊ।” पत्रुस लाउमेसे उतरके येशूक थेन जाइक लग पानीमे नेगे लागल।
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मत्ती 14:33
लाउमे रहुइयन हुँकार आराधना करलाँ, और कलाँ, “जात्तिके अप्नि परमेश्वरके छावा हुइती।”
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मत्ती 14:16-17
पर येशू ओइन्हे कलाँ, “ओइन्हे जैना जरुरी नै हो। तुहुरेहे यनहे खाई देऊ।” ओइने हुँकिन्हे कलाँ, “यहाँ हमार थेन पाँचथो रोटी और दुईथो मच्छी किल बताँ।”
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मत्ती 14:18-19
तब् येशू कलाँ, “उहिहे मोरिक थेन नानो।” ऊ भीड़हे घाँसमे बैठे कलाँ, और उ पाँचथो रोटी और दुईथो मच्छी लेलाँ। उप्पर स्वर्ग ओहोँर हेरलाँ, और परमेश्वरहे धन्यवाद देलाँ। ऊ रोटीहे खन्टैलाँ और मनैनहे बाँटक लग चेलनहे देलाँ। और चेलनके मनैनहे बँट्लाँ।
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मत्ती 14:20
ऊ सक्कु जाने जतरा मन रहिन, ओत्रा सक्कु जाने खैलाँ, और अघागिलाँ। जब सक्कु जाने खाना खासेक्लाँ और खन्टैलक उब्रल रोटी और मच्छी चेलनके जमा करलाँ ते उ बाह्र छिट्वा रहे।
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