अहबार 6:12
अहबार 6:12 DGV
क़ुरबानगाह पर आग जलती रहे। वह कभी भी न बुझे। हर सुबह इमाम लकड़ियाँ चुनकर उस पर भस्म होनेवाली क़ुरबानी तरतीब से रखे और उस पर सलामती की क़ुरबानी की चरबी जला दे।
क़ुरबानगाह पर आग जलती रहे। वह कभी भी न बुझे। हर सुबह इमाम लकड़ियाँ चुनकर उस पर भस्म होनेवाली क़ुरबानी तरतीब से रखे और उस पर सलामती की क़ुरबानी की चरबी जला दे।