2 कुरिन्थियन 7:10
2 कुरिन्थियन 7:10 BAG
काहेकि परमातिमा जउन दुख देत हें, ओसे मनइन काहीं अपने गलतिन काहीं मानिके, पस्चाताप करँइ के प्रेरना मिलत ही, अउर उआ दुख से पुनि पचिताँय नहीं परय। काहेकि ओसे मुक्ती मिलत ही, पय संसारिक दुख से केबल आत्मिक मउत मिलत ही।








