तीतूस 2
2
हाँची हिक का हाँचा नेम
1पण तीतूस, थूँ हमेस्यान मसी की हाँची हिक का हाँचा नेम हिकाया करज्ये। 2भूण्डा मनकाँ ने हिक दे, ताँके वीं धीरज राकबावाळा, हमजदार अन खुद पे काबू राकबावाळा वेवे अन वीं विस्वास, परेम अन सेवा में पाका रेवे।
3अस्यानीस भूड़ी लुगायाँ ने भी खरो जीवन जीवावाळी लुगायाँ की जस्यान जीवन जीणो छावे। वीं आमी-हामी करबावाळी अन पीयावाळी ने वेवे, पण हव हिक देबावाळी वेवे, 4जणीऊँ वीं मोट्यार लुगायाँ ने आपणाँ बाळक अन धणीऊँ परेम करणो हिकाबावाळी वे जावे। 5वीं खुद पे काबू राकबावाळी, पुवितर, भली अन आपणाँ धणी का क्या में चालबावाळी, घर ने बणाबावाळी हव लुगई वे, जणीऊँ कुई भी परमेसर का नकेऊँ आबावाळा हमच्यार का बारा में बुरा ने बोले।
6अस्यानीस थूँ मोट्यार छोरा ने हमजा के, वे खुद पे काबू राकबावाळा बण्या तका रेवे। 7थूँ थाँरी हारी बाताँ में हव वेवार को नमुनो बण। थाँरी हिक का वाते खरो अन हूँस्यार रे। 8अस्यी मिटी बोली बोल के, जिंपे कुई आँगळी ने तोके। थाँरा दसमण हरमा मरे जणीऊँ वाँने आपणाँ बारा में बुरो केवा को मोको ने मले।
9दासा ने हमजा के, वीं हरेक बाताँ में आपणाँ मालिक की आग्या मानन वाँने राजी करता रेवे। अन वाँके हामे उलटा ने बोले। 10अन वीं चोरी ने करे, पण पूरा मनऊँ विस्वास के जोगा बण्या तका रेवे, ताँके वीं हरेक तरियाऊँ आपणाँ बंचाबावाळा परमेसर का बचना की मेमा बड़ावे।
परमेसर की करपा
11परमेसर की करपा तो हाराई मनकाँ ने बंचाबा का वाते परगट वीं हे। 12या करपा आपाँने हिकावे हे के, आपीं बना भगती अन दनियादारी की मरजीऊँ फरन अणी दनियाँ में खुद पे काबू राकबावाळा, धरमी अन भगती-भावऊँ जीवन जीवा। 13अन आपीं वणी धन्न दन की आसऊँ वाट नाळता रेवा, जदी आपणाँ परमेसर अन आपाँने छुटकारो देबावाळा ईसू मसी की मेमा परगट वेई। 14#भज 130:8; निर 19:5; वे.वि 4:20; 7:6; 14:2; 1 पत 2:9वणा आपणाँ वाते खुद ने दे दिदो, ताँके आपाँ हाराई ने पापऊँ छुड़ावे अन आपाँने खुद का वाते खरा मनक बणावे, जीं बेस हव काम करबा का वाते आगता रेवे।
15अणा बाताँ ने हिकान, पूरा हक का हाते वाँको धिज्यो बन्दा अन जटे जरूत वे वटे वाँने तापड़तो रे। पण ओ ध्यान राक के, कुई थाँरी रोळ ने करे।
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हाँची हिक का हाँचा नेम
1पण तीतूस, थूँ हमेस्यान मसी की हाँची हिक का हाँचा नेम हिकाया करज्ये। 2भूण्डा मनकाँ ने हिक दे, ताँके वीं धीरज राकबावाळा, हमजदार अन खुद पे काबू राकबावाळा वेवे अन वीं विस्वास, परेम अन सेवा में पाका रेवे।
3अस्यानीस भूड़ी लुगायाँ ने भी खरो जीवन जीवावाळी लुगायाँ की जस्यान जीवन जीणो छावे। वीं आमी-हामी करबावाळी अन पीयावाळी ने वेवे, पण हव हिक देबावाळी वेवे, 4जणीऊँ वीं मोट्यार लुगायाँ ने आपणाँ बाळक अन धणीऊँ परेम करणो हिकाबावाळी वे जावे। 5वीं खुद पे काबू राकबावाळी, पुवितर, भली अन आपणाँ धणी का क्या में चालबावाळी, घर ने बणाबावाळी हव लुगई वे, जणीऊँ कुई भी परमेसर का नकेऊँ आबावाळा हमच्यार का बारा में बुरा ने बोले।
6अस्यानीस थूँ मोट्यार छोरा ने हमजा के, वे खुद पे काबू राकबावाळा बण्या तका रेवे। 7थूँ थाँरी हारी बाताँ में हव वेवार को नमुनो बण। थाँरी हिक का वाते खरो अन हूँस्यार रे। 8अस्यी मिटी बोली बोल के, जिंपे कुई आँगळी ने तोके। थाँरा दसमण हरमा मरे जणीऊँ वाँने आपणाँ बारा में बुरो केवा को मोको ने मले।
9दासा ने हमजा के, वीं हरेक बाताँ में आपणाँ मालिक की आग्या मानन वाँने राजी करता रेवे। अन वाँके हामे उलटा ने बोले। 10अन वीं चोरी ने करे, पण पूरा मनऊँ विस्वास के जोगा बण्या तका रेवे, ताँके वीं हरेक तरियाऊँ आपणाँ बंचाबावाळा परमेसर का बचना की मेमा बड़ावे।
परमेसर की करपा
11परमेसर की करपा तो हाराई मनकाँ ने बंचाबा का वाते परगट वीं हे। 12या करपा आपाँने हिकावे हे के, आपीं बना भगती अन दनियादारी की मरजीऊँ फरन अणी दनियाँ में खुद पे काबू राकबावाळा, धरमी अन भगती-भावऊँ जीवन जीवा। 13अन आपीं वणी धन्न दन की आसऊँ वाट नाळता रेवा, जदी आपणाँ परमेसर अन आपाँने छुटकारो देबावाळा ईसू मसी की मेमा परगट वेई। 14#भज 130:8; निर 19:5; वे.वि 4:20; 7:6; 14:2; 1 पत 2:9वणा आपणाँ वाते खुद ने दे दिदो, ताँके आपाँ हाराई ने पापऊँ छुड़ावे अन आपाँने खुद का वाते खरा मनक बणावे, जीं बेस हव काम करबा का वाते आगता रेवे।
15अणा बाताँ ने हिकान, पूरा हक का हाते वाँको धिज्यो बन्दा अन जटे जरूत वे वटे वाँने तापड़तो रे। पण ओ ध्यान राक के, कुई थाँरी रोळ ने करे।
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