बधान 19
19
शरण नगरी
(गणांई 35:9-28)
1मोसा बोलअ इज़राईली लै इहअ, “ज़ुंण देश बिधाता तम्हां लै आसा लाअ द दैई, ज़ेभै बिधाता तेऊ देशै बस्सै दै तिन्नां मणछा खतम करी हेरे अर तम्हैं तेऊ देशे नगरी, गराऊंऐं अर घअरै बस्सी जाए,#ज़ैह. 20:1-9 2-4तिधी डाहै तम्हैं तिन्नां सोभी नगरी मांझ़ै चअन नगरी एही कि तिंयां हणीं शरण नगरी। तेऊ देशा बांडै तम्हैं चिई बाखा अर तिन्नां चिई मुल्खै लोल़ी मांझ़ा-मांझ़ी नापी करै एक-एक शरण नगरी हुई ताकि तिन्नां नगरी दी पुजणअ सोभी लै सान होए।
“तिंयां हणीं एता लै, ज़ै कुंण मणछ गलती दी कसरी हत्या करे, ज़हा संघै तेऊ किछ़ै ज़ीद बी नांईं ती आथी, तै सका सह हत्या करनै आल़अ मणछ तिन्नां नगरी मांझ़ै कहा एकी नगरी लै ठुर्ही आपणीं ज़ान बच़ाऊई।
5“ज़िहअ कि एक मणछ डेऊअ होए आपणैं कहा साथी-संघी संघै बणैं झ़ुका काटदअ। संघा लागअ सह खराल़ै करै झ़ुका फाल़दअ अर सह खराल़अ छ़ुल़्हखुअ बिंडा का पोर्ही अर तेता करै लागी तेऊए साथी एही कि सह हुअ मरी हक्क! इहअ करै ज़सरै भलै सह हत्या हुई, सह सका तै कहा शरण नगरी लै ठुर्ही आपणीं ज़ान बच़ाऊई। 6तेऊ मणछै निं आपणैं तेऊ साथीए सह ज़ाणीं-भुझ़ी करै हत्या किई। पर तेऊए भलै हुई गलती दी तेऊए हत्या अर ज़सरी हत्या हुई, तेऊए रिश्तैदारा मांझ़ै सका रोश्शै कुंण तेतो बदल़अ लणा लै तेऊ मणछा मारदअ पिछ़ू ठुर्ही, अर ज़ै शरण नगरी दूर होए, तिंयां सका तेऊ मणछा बाता ठिमकी करै मारी पाई! 7तैही बोलअ मंऐं कि तेऊ देशै डाहै तम्हैं चअन शरण नगरी।
8-9“इज़राईलीओ, ज़ै तम्हैं बिधाते इना बधाना अर बिधी मने ज़ुंण मंऐं आझ़ तम्हां का खोज़ै, ज़ै तम्हैं सदा बिधाता लै झ़ूरे, तै आसा बिधाता इहअ बोलअ द कि तेऊ दैणीं तम्हां लै सह ज़ैगा ज़ेते तेऊ थारै दादा-बाबा संघै करार आसा किई दी। ज़ेभै तम्हैं तैहा ज़ैगा बस्सी जाए, तेभै बणाऐं तेऊ नऊंऐं मुल्खै एही शरण नगरी चअन होर। 10तिंयां हणीं थारै एता लै कि थारै देशै निं लोल़ी कुंण नर्दोश मणछ एही शरण नगरी लै ठुर्हदी बाता मारी पाअ ज़ुंण बेघै दूर होए। तेऊ नर्दोश मणछे हत्या हणैंओ दोश लागणअ तेखअ तम्हां लै, किल्हैकि तम्हैं हणीं तेऊ देशै तिंयां शरण नगरी खास्सी दूर डाही दी ज़ुंण बिधाता तम्हां लै आसा दैई लाअ द।
11“पर ज़ै कुंण ज़ाणीं-भुझ़ी कसरी हत्या करे तेता लै किज़ै बधान हणअ? ज़िहअ कि कहा मणछा आपणैं साथी-संघी संघै ज़ीद होए, संघा पाए सह तेऊ राम्बल़अ मोक्कअ भाल़ी मारी अर आप्पू ठुर्हे सह कहा एकी शरण नगरी लै। 12ज़ै इहअ होए, तै छ़ाडै तैहा नगरीए सैणैं तेऊ हत्या करनै आल़ै मणछा बापस आणदै शरण नगरी लै। तेखअ सभाल़ै तेऊ हत्या करनै आल़ै मणछा तेऊ मणछे रिश्तैदारा का ज़सरी हत्या हुई। तिंयां पाऐ तेखअ तैहा हत्या हणें बदल़ै तेऊ हत्या करनै आल़ै मारी।
13“इज़राईलीओ, तम्हैं पाऐ तेऊ मणछा मारी ज़ुंण नर्दोश मणछे हत्या करे, इहअ करै हणअ तम्हां सोभिओ भलअ। हत्या करनै आल़ै मणछे निं किछ़ै झींण!
सिऊंआं लागै दै ओडै
14“ज़ुंण देश थारै परमेशर बिधाता तम्हां लै आसा लाअ द दैई, तेऊ देशै हणैं सिऊंआं दी पात्थरे ओडै लागै दै, तिन्नां निं तम्हैं ओर्ही-पोर्ही सकैऊई।#बधा. 27:17
शाजती दैणैंओ बधान
15“ज़ै कहा मणछा लै ज़ुल्म या पाप करनैओ दोश होए, तैहा गल्ले लोल़ी किछ़ नां किछ़ दूई शाजत हुऐ कि तेऊ किअ सह ज़ुल्म।#गण. 35:30; बधा. 17:6; मोत्त. 18:16; जोह. 8:17; 2 करि. 13:1; 1 तिम. 5:19; इब्रा. 10:28
16“ज़ै कहा लै कुंण ज़ुल्म करनैओ दोश लाए, पर सह शाजत झ़ुठी निखल़े, 17-18तै निंणै तिंयां दुहै शाजत अर सह मणछ ज़हा लै ज़ुल्म करनैओ दोश आसा, चिहै तैहा बडी दालता लै ज़ुंण बिधाते पबित्र ज़ैगा आसा। तिधी करै बडअ पांच़ अर होर प्रोहत तैहा गल्ले राम्बल़ै करै पुछ़-ज़ाच़ कि तिंयां शाजत शुची गल्ला करा कि झ़ुठै आसा।
“तेखअ ज़हा लै ज़ुल्म करनैओ दोश आसा, ज़ै सह शुचअ निखल़े अर तिंयां शाजत झ़ुठै होए, 19-21तै दैऐ तिन्नां लै सज़ा अर तेथ निं तिन्नां लै किछ़ै झींण करी। तिन्नां लै दैऐ तैहा ई सज़ा, ज़ुंण तिंयां च़ाहा तै कि झ़ुठी शाजत दैई लोल़ी तेऊ मणछा एही सज़ा भेटी ज़हा लै तिन्नैं ज़ुल्म करनैओ दोश लाअ। सह सज़ा च़ाऐ ज़ेही बी होए, तैहा दैऐ तिन्नां लै बी तेही ई, आछिए बदल़ै आछ, दांदे बदल़ै दांद, हाथे बदल़ै हाथ, खूरे बदल़ै खूर अर ज़ै तेते सज़ा मौत होए तै पाऐ तिन्नां बी मारी।#लुआ. 21:23-25; लेब. 24:19,20; मोत्त. 5:38
“इज़राईलीओ, झ़ुठी शाजती दैणैं आल़ै लै दैऐ ज़रूर सज़ा। ताकि होर लोग बी तेते बारै शुणें अर तिंयां दालता दी शुची गल्ला खोज़े।”
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बधान 19: OSJ
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