बधान 15
15
सातुई साला हणअ ऋण खतम
(लेबी बधान 25:1-7)
1-2मोसा बोलअ इज़राईली लै इहअ, “हर सातुई साला मुक्कदी खोज़ै तम्हैं सारै दी एही गल्ला, ‘बिधाता बोला इहअ कि तम्हां निं ऋणा भरने ज़रुरत आथी’ तेखअ ज़ै तम्हैं कहा होरी इज़राईली लै ऋण होए दैनअ द, तेता निं तम्हैं ज़ोरा-ज़ोरी बापस मांगी आथी। 3अह बधान एछणअ सिधअ तिधी कामैं ज़ै तम्हैं कहा होरी इज़राईली लै होए ऋण दैनअ द। पर परदेसी लागणअ थारअ ऋण भरनअ ई।
4-6“तम्हां जैंदरी निं कोहै लोल़ी गरीब रहअ। थारै परमेशर बिधाता आसा तम्हां लै अह ज़ैगा लाई दी दैई अर तेऊ आसा एही ज़बान दैनी दी कि तेऊ बणाणैं तम्हैं हर गल्ला लै सेठ, इहअ हणअ तै, ज़ै तम्हैं बिधाते इना बधाना अर बिधी मने, ज़ेता खोज़दअ हुंह तम्हां का आझ़ आसा लागअ द। तम्हां दैणअ कई देशे लोगा लै ऋण, पर तम्हां निं आप्पू ऋण काढणें ज़रुरत पल़णीं। तम्हां करनअ कई देशा प्रैंदै राज़, पर तम्हां प्रैंदै निं तिंयां राज़ करी सकदै।
7“बिधाता ज़ांऊं ऐहा ज़ैगा तम्हां सोभी लै दैई हेरे, तेथ सका थारी नगरी थारअ कुंण भाई-बंध गरीब बी हई। ज़ै इहअ होए, तेऊ लै निं तम्हैं आपणैं दिले दुआर बुदरी, अर नां ढब्बे गांठ पिड्डी करी।#लेब. 25:35 8पर तम्हैं लोल़ी तेऊ लै झणैल़ू अर खुल्है दिलै तेऊए मज़त किई, तेऊ लै दैऐ ज़ेतरअ तेऊ लोल़ी तेतरअ ऋण। 9तम्हैं निं इहअ सोठी आपणैं तेऊ गरीब भाई-बंधा लै ऋण दैणैं का हुधूई, ‘ऐबै आसा सातुई सालो बर्शगांठअ हणैं आल़अ अर तेखअ निं मेरै ईंयां ढब्बै बापस च़ाल्लै फिरी।’ ज़ै गरीबा लै तम्हैं सोभै इहअ सोठदै लागे, सह हणीं बडी खास्सी बूरी गल्ल। तेखअ निं इहअ हआ कि तिंयां बिधाता सेटा लेर-पकार पाए अर सह हणअ तेखअ तेरअ दोश। 10तम्हैं दैऐ तिन्नां गरीबा लै दिला का ज़ेतरअ तिन्नां लोल़ी तेतरअ। तै दैणीं बिधाता थारै हर कामां लै बर्गत।
11“तम्हां मांझ़ै हणैं सदा कुंण नां कुंण गरीब ज़रूर, तैही आसा मेरअ तम्हां लै हुकम कि इना इहै लै दैऐ दिल खोल्ही दान।#मोत्त. 26:11; मार्क. 14:7; जोह. 12:8
गलामा लै बधान
(लुआह 21:1-11)
12“ज़ै तम्हां मांझ़ै कुंण कहा थारै ई इब्रानी भाई-बंधा गलाम डाहणां लै मोलै लए, तेऊ करै तम्हैं सातुई साला गलामी का आज़ाद।#लेब. 25:39-46 13ज़ेभै सह गलामी का छ़ुटी आपणैं घअरा लै डेओए, तेभै निं तेऊ रित्तै हाथै छ़ाडी, 14तेऊ संघै दैऐ खास्सी डागै-चैणें हेल़्ह, खास्सअ नाज़ अर दाखो रस। ज़ेही बिधाता ताल्है तेरै खेचै-खहल़ै बर्गत दैनी, तेही दैऐ तेऊ लै बी। 15तम्हैं डाहणीं अह गल्ल सदा आद कि तम्हैं बी थिऐ मिसर देशै गलाम अर थारै परमेशर बिधाता आसा आणै दै तम्हैं तिधा का छ़ड़ैऊई। तैही करा हुंह आझ़ तम्हां लै इहअ हुकम। 16पर ज़ै थारअ कुंण गलाम इहअ बोले, ‘हुंह झ़ूरा ताह अर तेरै टबरा लै, ज़ीबाण, मुंह रहणअ सारी अमरा ताह ई संघै, हुंह निं ताह सेटा का किधी च़ाल्लअ डेऊई।’ 17तेखअ निंयैं तेऊओ मालक तेऊ परमेशरे पबित्र ज़ैगा, संघा बिन्हैं दुआरे डेहल़ै बशैल़ी सुतरू करै तेऊए कान। तेखअ हणअ सह सारी अमरा लै तेरअ गलाम। च़ाऐ सह गलाम मर्ध होए, या बेटल़ी तिन्नां लै करै इहअ ई।
18“ज़ेभै तूह आपणैं गलामा आज़ाद करे, तेभै निं तेऊ रोक्कणा लै किज़ै भान्नअ लोल़ी। तम्हैं करनी तेभै सिधी अह गल्ल आद कि तिन्नैं गलामै किअ थारअ एतरअ काम, ज़ै तम्हां ढब्बै दैई मज़दूर लागदै लाणैं, तिन्नां निं तेतो आधअ काम बी करनअ त। ज़ै तूह इहअ करे बिधाता दैणीं तेरै सोभी कामां लै बर्गत।
पैहलै सोए नर पशू डाहै बिधाता लै
(लेबी बधान 27:26,27; गणांई 18:15-18)
19“थारी गाऊई, भेडा अर बाकरीए पैहलै सोए बाछ़ू, गाभू अर छ़ेल्हू डाहै हेल़्ही मांझ़ा का बिधाता लै ज़ुदै च़ांगै-च़ोखै। तिन्नां बाछ़ू निं हल़ै लाई अर गाभू-छ़ेल्हूए ऊन अर शेली बी निं काटी।#लुआ. 13:12 20तम्हैं आणै डागै-चैणैं मांझ़ै तिन्नां पैहलै सोए नर पशू हर साल तैहा ज़ैगा बिधाता सम्हनै, ज़हा ज़ैगा बिधाता आप्पू लै पबित्र डाहे छ़ांटी। तम्हैं अर थारै टबर करै तिन्नां तिधी बल़ीदान। संघा करै तिधी सोभै ज़ण्हैं पबित्र भोज़।
21“पर ज़ै तिन्नां पशू दी किज़ै दोश होए, तिन्नां मांझ़ै कुंण पशू लाट्टअ या कांणअ होए, तिहै पशू निं बिधाता लै बल़ीदान करी। 22तेता सका तम्हैं आपणैं घअरै शिखा खाणां लै काटी, तेता खाऐ तम्हैं तिहै ई ज़िहै तम्हैं घोर्हल़ अर हरनो शकार करी खाआ। ज़ुंण मणछ छ़ोतलै होए, तिंयां बी सका तेते शिखा खाई। 23पर तम्हैं डाहै खैल हेरे, कहा पशूओ लोहू निं तम्हैं खाई, तेता पाऐ पोर्ही बागै पोछी।”#मूल. 9:4; लेब. 7:26,27; 17:10-14; 19:26; बधा. 12:16,23
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बधान 15: OSJ
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