हितोपदेश 3
3
याहवेहए फिर भर थेंन्
1ओ ङए च्ह, ङइ लोमिंबै ताँमैं आम्लेद्,
ङइ बिबै ताँमैं ह्रोंसए खोंर थेंन्।
2छलस्याँ क्हिइ ह्रिंबै छ्ह योंब्मुँ,
क्हिल बिब् धों तब्मुँ।
3क्हिइ खोंयोंइ बिलै ताँनलाइ म्हाँया लरिद्, धै भर लल् खाँब तरिद्;
च ताँमैं क्हिइ ह्रोंसए खरिर माला धोंले खिरिद्,
धै क्हिए खों न्होंर प्ह्रिथेंन्।
4छ लइबिस्याँ परमेश्वर नेरो म्हिमैंउँइँले
क्हिइ थेबै मान योंब्मुँ।#लूक २:५२
5क्हिए सैं न्होंउँइँलेन् याहवेहए फिर भर थेंन्,
ङइ तोन्दोंरि ह्रइमुँ-सेइमुँ बिसि ह्रोंसए फिर भर आलद्।
6ह्रोंसइ लल् म्हैबै केर खीलाइ मैंन्,
धै खीजी क्हिलाइ छ्याँबै घ्याँर डोरेब्मुँ।
7क्हि ह्रोंसन् ह्रब्-सेब् आप्हैंन्;#रोम १२:१६
याहवेहलाइ म्हाँदिद्, आछ्याँबै केमैं पिवाद्।
8छ लइबिस्याँ क्हिए ह्रिब भोंब तब्मुँ।
धै क्हि नब्-छब् तरिब् आरे।
9क्हिए सै न्होर नेरो म्रोंउँइँले खबै रा-रोए फुइ
याहवेहए मिंर थेंसि खीए मान लद्;
10छलस्याँ क्हिए भकरिमैं ङेयाल्ले प्लिंब्मुँ,
धै क्हिए भाडमैं अँगुरए खुगुइ प्लिंब्मुँ।
11ओ ङए च्ह, याहवेहजी तार झोंमा छोरों आङ्हाँन्।
खीजी हौदिमा आछ्याँब आमैंन्,#अयू ५:१७
12तलेबिस्याँ खैले आबाइ ह्रोसए च्हलाइ तार झोंमुँ,
छलेन याहवेहज्यै या ह्रोंसइ खोबै म्हिलाइ तार झोंम्।#हिब्रू १२:५-६ #दर्शन ३:१९
13बुद्धि योंसि
च्हैंब् मैंब् लबै म्हिइ आशिक योंम्
14तलेबिस्याँ चाँदि भन्दा बुद्धि ल्हें छ्याँब् ग,
माराइ भन्दा चइ बेल्ले फायद पिंम्।
15हिरा-मोति भन्दा च सै ल्हें फेम्,
क्हिइ खोबै तोइ सैमैंने या च च्हैंल् आखाँ।
16बुद्धिए क्योलो योउँइँ ह्रिंबै छ्ह मुँ;
धै त्हरग्यो योउँइँ सै न्होर नेरो मान इजेत मुँ।
17चए घ्याँर प्रब्मैं सैं तोंल् योंम्,
चए घ्याँर प्रब्मैं छिं ङ्हाँल् योंम्।
18बुद्धि ख्वेब्मैंए ल्हागिर च छ्ह योंबै सिंधुँ ग;
च क्हाब्मैंइ आशिक योंम्।
19तलेबिस्याँ याहवेहजी बुद्धिइन पृथ्बीए जग झोंइ;
खीजी च्हैंसि मैंसि मु चए क्ल्ह्योर थेंइ;
20खीए ज्ञानइ मा ङ्युँइ लमिंइ,
धै न्हाँम्स्योउँइँले क्युरु नाँ युमिंइ।
21ओ ङए च्ह, छ्याँबै बुद्धि नेरो च्हैंब-म्हैबै ताँ जोगेसि थेंन्
क्हिउँइँले च ह्रेंगो ह्याल् आपिंन्।
22चुमैंइ क्हिलाइ छ्ह पिंम्
धै क्हिए कुर ङ्हेबै माला धों तब्मुँ।
23झाइले क्हि घ्याँर छेनाले प्रब्मुँ,
धै क्हिए प्हले थुरारिब् आरे।
24रोरिमैं या क्हि ङ्हिंरिब् आरे,
क्हि रोमा छ्याँबै न्हरु खब्मुँ।
25थाइ आसेल्ले दुःख
खसि दुष्टमैं नास तमा क्हि आङ्हिंन्,
26तलेबिस्याँ याहवेहजीन् क्हिए सैंर भों पिंब्मुँ
धै खीजी क्हिए प्हलेमैं ङोउँइँले जोगेमिंब्मुँ।
27खाँचोर मुँबै म्हिमैंलाइ खाँन् समा
ह्रोंसने मुँबै सैमैं पिंन्।
28क्हिने मुँन-मुँन्,
“प्हन्हाँजरे पिंस्यो!”
बिसि क्हिने ह्रिखब्मैंलाइ आबिद्।
29क्हिए फिर भर लसि क्हिए ङाँर टिबै म्हिए बिरोधर
जाल आरोद्।
30क्हिल तोइ न्होह्रों आलबै म्हिलाइ
तोन्-तोर्न छ्याब् आल्हैदिद्।
31म्हि सैमैंए ह्रिस आलद्,
धै चमै प्रबै घ्याँर आप्रद्।
32तलेबिस्याँ आछ्याँबै के लप्रब्मैं याहवेहजी आखो,
दिलेया सोजो म्हिमैं बिस्याँ खीजी भर लम्।
33दुष्टमैंए धिंर याहवेहजी सराप पिंम्,
ठिक के लब्मैंए धिंर बिस्याँ खीजी आशिक पिंम्।
34आगुलाइ प्ह्रब्मैंलाइ खीजी प्ह्रम्,
दिलेया कुरब्मैंलाइ खीजी ल्हयो खम्।#याक ४:६; १ पत्र ५:५
35ह्रब्-सेबै म्हिइ मान इजेत योंम्,
दिलेया आमादुमैंलाइ बिस्याँ फापिन् लवाब्मुँ।
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