प्रकाशितवाक्य 8:1-5

प्रकाशितवाक्य 8:1-5 HINDI-BSI

जब उसने सातवीं मुहर खोली, तो स्वर्ग में आधे घण्टे तक सन्नाटा छा गया। तब मैं ने उन सातों स्वर्गदूतों को देखा जो परमेश्‍वर के सामने खड़े रहते हैं, और उन्हें सात तुरहियाँ दी गईं। फिर एक और स्वर्गदूत सोने का धूपदान लिये हुए आया, और वेदी के निकट खड़ा हुआ; और उसको बहुत धूप दिया गया कि सब पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं के साथ सोने की उस वेदी पर, जो सिंहासन के सामने है चढ़ाए । उस धूप का धुआँ पवित्र लोगों की प्रार्थनाओं सहित स्वर्गदूत के हाथ से परमेश्‍वर के सामने पहुँच गया। तब स्वर्गदूत ने धूपदान लेकर उसमें वेदी की आग भरी और पृथ्वी पर डाल दी; और गर्जन और शब्द और बिजलियाँ और भूकम्प होने लगे।
HINDI-BSI: Hindi O.V. - Re-edited (BSI)
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