भजन संहिता 115:4

भजन संहिता 115:4 HINDI-BSI

उन लोगों की मूरतें सोने चाँदी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं।
HINDI-BSI: Hindi O.V. - Re-edited (BSI)
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