भजन संहिता 114
HINDI-BSI

भजन संहिता 114

114
फसह का गीत
1जब इस्राएल ने मिस्र से,
अर्थात् याकूब के घराने ने
अन्य भाषावालों के मध्य से कूच किया,#निर्ग 12:51
2तब यहूदा यहोवा#114:2 मूल में, उस का पवित्रस्थान
और इस्राएल उसके राज्य के लोग हो गए।
3समुद्र देखकर भागा,#निर्ग 14:21
यरदन नदी उलटी बही#यहो 3:16
4पहाड़ मेंढ़ों के समान उछलने लगे,
और पहाड़ियाँ भेड़-बकरियों के
बच्‍चों के समान उछलने लगीं।
5हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा?
हे यरदन, तुझे क्या हुआ, कि तू उलटी बही?
6हे पहाड़ो, तुम्हें क्या हुआ,
कि तुम भेड़ों के समान,
और हे पहाड़ियो, तुम्हें क्या हुआ कि तुम
भेड़-बकरियों के बच्‍चों के समान उछलीं?
7हे पृथ्वी, प्रभु के सामने,
हाँ, याकूब के परमेश्‍वर के सामने थरथरा।
8वह चट्टान को जल का ताल,
चकमक के पत्थर को जल का सोता
बना डालता है।#निर्ग 17:1-7; गिन 20:2-13