यशायाह 47:8

यशायाह 47:8 HINDI-BSI

इसलिये सुन, तू जो राग–रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि “मैं ही हूँ, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा के समान न बैठूँगी और न मेरे बाल–बच्‍चे मिटेंगे।”
HINDI-BSI: Hindi O.V. - Re-edited (BSI)
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