YouVersion Logo
Search Icon

मत्तियाह 4:1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25

मत्तियाह 4:1 HCV

इसके बाद पवित्र आत्मा के निर्देश में येशु मसीह बंजर भूमि ले जाए गए कि वह शैतान द्वारा परखे जाएं.

मत्तियाह 4:2 HCV

उन्होंने चालीस दिन और चालीस रात उपवास किया. उसके बाद जब उन्हें भूख लगी

मत्तियाह 4:3 HCV

तब परखने वाले ने उनके पास आकर कहा, “यदि आप परमेश्वर-पुत्र हैं तो इन पत्थरों को आज्ञा दीजिए कि ये रोटियां बन जाएं.”

मत्तियाह 4:5 HCV

इसके बाद शैतान ने येशु मसीह को पवित्र नगर में ले जाकर मंदिर की चोटी पर खड़ा कर दिया

मत्तियाह 4:6 HCV

और उनसे कहा, “यदि आप परमेश्वर के पुत्र हैं तो यहां से नीचे कूद जाइए, क्योंकि लिखा है: “वह अपने स्वर्गदूतों को आपके संबंध में आज्ञा देंगे तथा वे आपको हाथों-हाथ उठा लेंगे कि आपके पैर को पत्थर से चोट न लगे.”

मत्तियाह 4:7 HCV

इसके उत्तर में येशु मसीह ने उससे कहा, “यह भी तो लिखा है: तुम प्रभु अपने परमेश्वर को न परखना.”

मत्तियाह 4:8 HCV

तब शैतान येशु मसीह को अत्यंत ऊंचे पर्वत पर ले गया और विश्व के सारे राज्य और उनका सारा ऐश्वर्य दिखाते हुए उनसे कहा

मत्तियाह 4:9 HCV

“यदि आप झुककर मेरी आराधना करेंगे तो मैं ये सब आपको दे दूंगा.”

मत्तियाह 4:10 HCV

इस पर येशु मसीह ने उसे उत्तर दिया, “हट, शैतान! दूर हो! क्योंकि लिखा है, आप सिर्फ प्रभु अपने परमेश्वर की ही आराधना और सेवा किया करें.”

मत्तियाह 4:11 HCV

तब शैतान उन्हें छोड़कर चला गया और स्वर्गदूत आए और उनकी सेवा करने लगे.

मत्तियाह 4:12 HCV

यह मालूम होने पर कि बापतिस्मा देने वाले योहन को बंदी बना लिया गया है, येशु गलील प्रदेश में चले गए

मत्तियाह 4:13 HCV

और नाज़रेथ नगर को छोड़ कफ़रनहूम नगर में बस गए, जो झील तट पर ज़ेबुलून तथा नफताली नामक क्षेत्र में था.

मत्तियाह 4:14 HCV

ऐसा इसलिये हुआ कि भविष्यवक्ता यशायाह की यह भविष्यवाणी पूरी हो

मत्तियाह 4:15 HCV

“यरदन नदी के पार समुद्रतट पर बसे ज़ेबुलून तथा नफताली प्रदेश, अर्थात् गलील प्रदेश में, जहां गैर-यहूदि बसे हुए हैं

मत्तियाह 4:16 HCV

जो लोग अंधकार में बैठे थे, उन्होंने एक महान ज्योति देखी है. जो लोग मृत्यु की छाया के देश में बैठे थे, उन पर एक ज्योति चमकी है.”

मत्तियाह 4:17 HCV

उस समय से येशु मसीह ने यह उपदेश देना प्रारंभ कर दिया, “मन फिराइए क्योंकि स्वर्ग-राज्य पास आ गया है.”

मत्तियाह 4:18 HCV

एक दिन गलील झील के किनारे चलते हुए येशु मसीह ने दो भाइयों को देखा: शिमओन, जो पेतरॉस कहलाए तथा उनके भाई आन्द्रेयास को. ये समुद्र में जाल डाल रहे थे क्योंकि वे मछुआरे थे.

मत्तियाह 4:19 HCV

येशु ने उनसे कहा, “मेरा अनुसरण करिये—मैं आप लोगों को मनुष्यों के मछुआरे बनाऊंगा.”

मत्तियाह 4:20 HCV

वे उसी क्षण अपने जाल छोड़कर येशु का अनुसरण करने लगे.

मत्तियाह 4:21 HCV

जब वे वहां से आगे बढ़े तो येशु मसीह ने दो अन्य भाइयों को देखा—ज़ेबेदियॉस के पुत्र याकोब तथा उनके भाई योहन को. वे दोनों अपने पिता के साथ नाव में अपने जाल ठीक कर रहे थे. येशु ने उन्हें बुलाया.

मत्तियाह 4:22 HCV

उसी क्षण वे नाव और अपने पिता को छोड़ येशु मसीह के पीछे हो लिए.

मत्तियाह 4:23 HCV

येशु मसीह सारे गलील प्रदेश की यात्रा करते हुए, उनके यहूदी सभागृहों में शिक्षा देते हुए, स्वर्ग-राज्य के सुसमाचार का उपदेश देने लगे. वह लोगों के हर एक रोग तथा हर एक व्याधि को चंगा करते जा रहे थे.

मत्तियाह 4:24 HCV

सारे सीरिया प्रदेश में उनके विषय में समाचार फैलता चला गया और लोग उनके पास उन सबको लाने लगे, जो रोगी थे तथा उन्हें भी, जो विविध रोगों, पीड़ाओं, दुष्टात्मा, मूर्च्छा रोगों तथा पक्षाघात से पीड़ित थे. येशु इन सभी को स्वस्थ करते जा रहे थे.

मत्तियाह 4:25 HCV

गलील प्रदेश, देकापोलिस, येरूशलेम, यहूदिया प्रदेश और यरदन नदी के पार से बड़ी भीड़ उनके पीछे-पीछे चली जा रही थी.

Free Reading Plans and Devotionals related to मत्तियाह 4:1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25