हेरो, मै तुहुरिन्हे एकथो रहस्य बताइतुँ: कि हमारमेसे सक्कु जाने नै मुबी, पर हम्रे सक्कु जाने बदलजिबी।
यी एकफाले हुई, अतरा झत्ते हुई कि जसिके केऊ अपन आँखी झप्काइत। जब अन्तिम तुरही बजाजाई, ते जोन-जोन मनै मुसेकल रहिहीँ, ओइने सदाकालके जीवन जिअक लग फेनदोस्रे जिवाजिहीँ। और हम्रे जे-जे जित्ती रबी, हमार शरीर बदलजाई।