एसे हम पंचे परमातिमा के ग्यान के बिरोध माहीं उठँय बाले हरेक सोच-बिचारन, अउर हरेक ऊँची बातन के बिरोध करित हएन, अउर हरेक उआ बिचार काहीं जउन मनइन काहीं परमातिमा के ग्यान काहीं पामँइ से रोंकत हें, उनहीं बंदी बनाइके मनइन काहीं मसीह के हुकुमन काहीं मानँइ बाला बनाय देइत हएन।