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जेरमयाह 33:3
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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तूह कर मुंह सेटा अरज़ अर मुंह हेरनअ तेरी गल्लो ज़बाब दैई। मुंह खोज़णीं ताखा एही कठण अर महान गल्ला ज़ेते बारै ताखा किछ़ बी थोघ निं आथी।
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जेरमयाह 33:6-7
“पर तेखअ करनीं मुंह ऐहा एरुशलेम नगरीए लाज़-पुआई संघा करनै एथ बस्सै दै मणछ नरोगै। तेखअ दैणअ मुंह तिन्नां राज्ज़ी-राम्बल़ै अर निहंचै बस्सणै। मुंह बढेरनै यहूदा अर इज़राईल तैहा ई ज़ैगा पजैल़ी खास्सै, तिंयां करनै मुंह तिहै ई ज़िहै पैहलै थिऐ।
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जेरमयाह 33:8
ज़ुंण इनै कदुष्ट काम अर पाप किऐ, तेता का करनै मुंह ईंयां शुचै। ज़ुंण तिन्नैं मुल्है पाप अर द्रोह किअ, तेता लै छ़ाडणीं मुंह इना लै माफी।
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