हाँ, हुंह बोला भाल़, तम्हैं लागणै मुंह लोल़ै अर मुंह आणनैं तम्हैं गलामी का बापस काढी थारी आपणीं ज़ैगा लै। मुंह झाल़णैं तम्हैं संसारे हर देशा अर हर ज़ैगा का ज़ेथ मंऐं तम्हैं छिंगी आसा डाहै दै। तम्हैं झाल़णैं मुंह भिई ऐहा ई ज़ैगा ज़िधा का काढी मंऐं तम्हां गलामी दी दैनअ डेऊणैं। अह गल्ल डाही मंऐं बिधाता बोली।