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बधान 17:19
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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बधाने तैहा च़ुआल़ी दी पोथी डाहै सह सारी अमरा आप्पू का। संघा करै धैल़ तेता पहल़ी अर ज़िहै बिधाता हुकम आसा खोज़ै दै, तेता मनै तिहै ई, ताकि सह डरदी-काम्बदी बिधाते च़ाकरी करनी शिखल़े।
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बधान 17:17
नां सह राज़अ आप्पू लै खास्सी बेटल़ी डाही, किल्हैकि तिंयां सका तेऊ बिधाता का दूर करी कबाता पाई। नां सह राज़अ आप्पू लै खास्सअ सुन्नअ-च़ंदी झाल़ी आथी।
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बधान 17:18
“बिधाते सारै बधाने असली पोथी रहणीं प्रोहता का ज़ुंण लेबी गोत्रा का आसा। तेखअ ज़ुंण थारअ राज़अ बणी राज़गाद्दी दी बेठे, सह डेओऐ प्रोहता सेटा लै, संघा च़ुआल़ै तिन्नां नदरी आपणैं हाथै लिखी बधाने कताबे एक नकल आप्पू लै।
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