“जो वचन तन्नै म्हारे ताहीं यहोवा के नाम तै सुणाया सै, उस ताहीं हम न्ही सुणांगें। जो-जो मन्नत हमनै मान ली सै उननै हम जरुर पूरी करांगे, हम सुर्ग की राणी कै खात्तर धूप जळावांगे अर अर्घ चढ़ावांगें, जिसतै के म्हारे बुजुर्ग माणस अर हम भी अपणे राजयां अर दुसरे हाकिमां समेत यहूदा के नगरां म्ह अर यरुशलेम की सड़कां म्ह करां थे; क्यूँके उस बखत हम पेट भरकै खान्दे अर भले-चंगे रहन्दे अर किसे मुसीबत म्ह न्ही पड़े थे।